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Rewari News: राहत... दिवाली बाद आएंगी बीएस-6 की आठ बसें

Sun, 19 Oct 2025 11:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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फोटो: 06रेवाड़ी। बस स्टैंड पर बस पकड़ते लोग। संवाद - फोटो : chineni news
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रेवाड़ी। रोडवेज के बेड़े में बीएस-6 मानक की 10 बसें शामिल हो गई हैं। अब शेष 8 बसें दिवाली के बाद मुहैया कराई जाएंगी। बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को काफी सहूलियत होगी। नई बीएस -6 मानक की बसें चंडीगढ़, जयपुर और पठानकोट रूट पर उतारी जाएंगी। इससे इन रूटों पर बसों की कमी दूर हो जाएगी।
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लंबे रूटों पर बसों की कमी बनी हुई है। रोडवेज के पास पर्याप्त संख्या में बसें न होने के कारण कई रूटों पर फेरे घटा दिए गए हैं। जयपुर और चंडीगढ़ रूट पर यात्रियों को बसों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। पठानकोट के लिए कोई बस सेवा नहीं है।
ऐसे में पंजाब जाने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नई बीएस-6 बसें मिलने के बाद इन रूटों पर उतारी जाएंगी। लंबे रूटों पर इन बसों को चलाने की योजना बनाई गई है ताकि यात्रियों को समय पर और सुगम यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।
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दीपावली के बाद पांच इलेक्ट्रिक बसें रोडवेज के बेड़े में शामिल हो सकती हैं। इन बसों को मुख्य रूप से छोटे और मध्यम दूरी के रूटों पर चलाने की तैयारी है। इलेक्ट्रिक बसें न सिर्फ पर्यावरण हितैषी होंगी बल्कि प्रदूषण को कम करने में भी सहायक साबित होंगी। यात्रियों को आधुनिक तकनीक से लैस इन बसों में सफर करने में आराम महसूस होगा।


अंबाला और यमुनानगर भेजी जा रहीं बीएस- 4 बसें
रेवाड़ी डिपो ने बीएस-6 मानक की बसों को मंगाने की दिशा में पहल शुरू कर दी है। रेवाड़ी डिपो से बीएस-4 की 25 और बसें अंबाला और यमुनानगर डिपो में भेजी जा रही हैं। नई बीएस-6 बसों को मंगाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। रोडवेज के मुताबिक दूसरे जिलों में भेजी जाने वाली 25 बसें लोकल रूटों पर चलती थीं। इनमें महेंद्रगढ़, नारनौल, झज्जर, कोसली, बावल, धारूहेड़ा, पटौदी समेत कई ग्रामीण रूट शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ये बसें रात में भेजी जाती थीं जो सुबह गांवों से यात्रियों को लेकर रेवाड़ी आती थीं। अब एक साथ 25 बसें भेजने से फेरे घट सकते हैं। बसों की कमी से लोकल रूटों पर सवारियों की परेशानी बढ़ सकती है।

बसों की होगी फिटनेस चेकिंग
आरटीए पासिंग प्रक्रिया में यह सुनिश्चित करेगा कि नई बसें सड़क पर यात्रियों के परिवहन के लिए सुरक्षित और कानूनी रूप से कितनी उपयुक्त हैं। मुख्य रूप से दो पहलुओं की जांच होती है। एक तकनीकी फिटनेस और दूसरा दस्तावेजी अनुपालन। तकनीकी जांच में सभी सुरक्षा फीचर्स, जैसे कि ब्रेक, टायर, लाइटें, हॉर्न, इमरजेंसी एग्जिट और गति नियंत्रक (स्पीड गवर्नर) की कार्यक्षमता को परखा जाता है। दस्तावेजी जांच में वाहन के रजिस्ट्रेशन कागजात, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र, चेसिस और इंजन नंबर का मिलान करते हैं। सभी मानकों पर खरी उतरने और कागजात सही पाए जाने पर ही आरटीए द्वारा बस को फिटनेस प्रमाण पत्र या पासिंग जारी की जाती है

वर्जन
दिवाली बाद और बसें मिलने वाली है। अभी जो 10 बस आई है जो पासिंग के बाद अलग-अगल रूटों पर उतारी जाएंगी। इसकी तैयारी चल रही है। - निरंजन, महाप्रबंधक रोडवेज रेवाड़ी।
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