संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। विधानसभा चुनाव को पूर्ण पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ संपन्न कराने के लिए ईवीएम व वीवीपैट का प्रथम रेंडमाइजेशन 2 सितंबर को लघु सचिवालय सभागार में होगा। यह प्रक्रिया चुनाव की निष्पक्षता के लिए जरूरी है।
जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक मीणा ने बताया कि राजनीतिक दलों से आग्रह किया है कि वे अपने प्रतिनिधि को 2 सितंबर को लघु सचिवालय सभागार में प्रात: 11 बजे रेंडमाइजेशन में भेजें या खुद उपस्थित रहें। इससे सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुए प्रथम रेंडमाइजेशन में जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों 72-बावल, 73-कोसली व 74-रेवाड़ी के आधार पर आरक्षित रखी जाने वाली ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों का रेंडमाइजेशन का कार्य सुचारू रूप से किया जा सके।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि 15वें विधानसभा आम चुनाव की पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखने के लिए रेंडमाइजेशन अति महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जो चुनाव लड़ने वाले राजनीतिक दलों की मौजूदगी में करवाई जाती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत होती है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई हिदायतों की सख्ती से पालना करें। जिला में आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करते हुए आपसी भाईचारा बनाए रखें और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव पूर्ण करने में जिला प्रशासन का सहयोग करें।
यह होता है रेंडमाइजेशन : रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के तहत ईवीएम आवंटन की प्रक्रिया पर उठने वाले सवालों और आपत्तियों की आशंका को खत्म किया जाता है। कंप्यूटर पर ईवीएम मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से जिला में उपलब्ध सभी ईवीएम के नंबरों की सूची को दर्ज किया जाता है। कंप्यूटर अपने आप इन मशीनों को विधानसभाओं के बीच वितरित कर देता है, जिसके बाद कोई भी राजनीतिक दल यह नहीं कह सकता कि जानबूझकर कोई मशीन किसी विशेष विधानसभा अथवा बूथ में भेजी गई है। दूसरे चरण की रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र अनुसार विधानसभा के लिए आवंटित ईवीएम के नंबरों की सूची और विधानसभा के बूथों की सूची को दर्ज करके कंप्यूटर की मदद से मशीनों के लिए बूथ और बूथों के लिए मशीनों का आवंटन किया जाएगा।