रेवाड़ी। रामगढ़ भगवानपुर में अस्पताल निर्माण की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन 233वें दिन में प्रवेश कर चुका है लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकलने से क्षेत्र की जनता और प्रबुद्ध नागरिकों में रोष गहराता जा रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जायज मांग के प्रति सरकार की संवेदनहीनता ने लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है।
सुनारिया गांव के पूर्व सैनिक बाबू बलराम के नेतृत्व में सुनारिया, ततारपुर इस्तमुरार, मीरपुर और तुर्कियावास के ग्रामीणों व महिलाओं ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया।
इस दौरान अस्पताल बनाओ संघर्ष समिति की ओर से नागरिकों का जोरदार स्वागत किया गया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल बनाओ, लड़ेंगे-जीतेंगे और वादाखिलाफी नहीं चलेगी जैसे गगनभेदी नारे लगाए।
आंदोलन के संयोजक और सरपंच प्रतिनिधि अनिल कुमार ने कहा कि समिति आज भी हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत के लिए तैयार है। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा गया है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी दो बार मुलाकात के लिए समय मांगा गया था लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। 18 जनवरी को स्वास्थ्य मंत्री के निवास स्थान रामपुरा जाकर मिलने का प्रयास भी किया गया लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि अब 8 फरवरी से पहले मुलाकात के लिए अनुरोध किया गया है।