राजगढ़। लगभग 40 साल पहले बनी उपस्वास्थ्य केंद्र को खुद उपचार की जरूरत है। स्वास्थ्य केंद्र नई बिल्डिंग बनने की बांट जोह रहा है।
पुनसिका गांव का उप स्वास्थ्य केंद्र खुद की बिल्डिंग न होने के चलते मौजूदा समय में चौपाल के एक कमरे में चल रहा है। यहां तंग जगह के साथ कर्मचारियों और मरीजों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। एक कमरे में चल रहे इस उपस्वास्थ्य केंद्र में जच्चा बच्चा से लेकर जन्म मृत्यु तक की लगभग आधा दर्जन कार्य स्वास्थ्यकर्मियों की ओर से किया जा रहा है। ज्यादा दिक्कत का सामना तो महिला मरीजों के साथ उनके आने पर परुष स्वास्थ्य कर्मी को उठानी पड़ती है। इतना ही नहीं विवाह शादी व अन्य अवसर पर इस चौपाल में कार्यक्रम के दौरान मरीजों व स्वास्थ्यकर्मियों को जांच कार्य में भी बाधा आना आम बात बन चुकी है। चौपाल के स्वास्थ्य केंद्र में पीने के पानी के साथ शौचालय की व्यवस्था भी नहीं है। महिला कर्मियों और मरीजों को शौच ओर पीने के पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ती है।
पुनसिका गांव के इस उपस्वास्थ्य केंद्र पर 7 गांवों के करीब 10 हजार से ज्यादा लोगों के स्वास्थ्य का दायित्व है। स्वास्थ्यकर्मी के अनुसार किसी भी उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए सरकार की ओर से 5 हजार की संख्या निर्धारित है, जबकि इस स्वास्थ्य केंद्र पर इस समय लगभग दोगुनी संख्या के बाद भी 4 पोस्ट में से एक पोस्ट पर काफी समय से कर्मचारी नहीं हैं।
उपस्वास्थ्य केंद्र के लिए नया भवन कब मिलेगा, अभी इस पर भी कुछ नहीं कहा जा सकता है। उपस्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि नए भवन को लेकर फिलहाल उन्हें भी जानकारी नहीं है। मांग की जा रही है। अब कब भवन बनकर तैयार होगा। अभी तक किसी प्रकार का पत्र नहीं आया है। इतना जरूर है कि भवन बनने में समय जरूर लगेगा। तब तक एक कमरे के अंदर स्वास्थ्य केंद्र चलाना पड़ेगा, जो काफी मुश्किल है। कई जरूरी कागजात भी हैं। जिसको इधर-उधर रखना पड़ रहा है।
पांच माह पहले उपस्वास्थ्य केंद्र को कंडम घोषित किया गया था। तब से लेकर अब तक चौपाल के एक कमरे में स्वास्थ्य केंद्र चल रहा है।
-विक्रम, एमपीएचडबल्यू