कोसली। उपमंडल स्थित राजकीय महाविद्यालय कोसली में ग्रामीण क्षेत्र जिले का एकमात्र स्मार्ट इनक्यूबेटर सेंटर शुरू होने जा रहा है। यह ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए किसी सुनहरे सौगात से कम नहीं है। सेंटर के आने से न केवल महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को अपितु आसपास के अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा। यदि किसी विद्यार्थी के पास उसका कोई इनोवेटिव आइडिया है और वह उसको एक स्टार्टअप में बदलना चाहता है तो विशेषज्ञों की देखरेख में इनक्यूबेटर सेंटर में क्रियान्वित किया जाएगा।
औद्योगिक या अन्य संबंधित क्षेत्र से एंटरप्रेन्योर एवं विशेषज्ञ को भी समय-समय पर इनक्यूबेटर सेंटर में इन स्टार्टअप आईडियाज के प्रगति के बारे में बताया जाएगा और उनकी देखरेख में ही इन आईडियाज पर काम होगा। इनक्यूबेटर सेंटर के लिए अलग से 3000 स्क्वायर फीट का भवन का निर्माण महाविद्यालय में होगा, जो आधुनिक डिजिटल क्लासरूम, लेक्चर थियेटर एवं अन्य डिजिटल सुविधाओं से परिपूर्ण होगा।
महाविद्यालय के प्राचार्य की इस संबंध में उनकी एक बैठक सहायक मुख्य सचिव उच्चतर शिक्षा विभाग के साथ पंचकूला में 6 दिसंबर को हो चुकी है। स्मार्ट इनक्यूबेटर सेंटर के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग का आभार जताया और कहा कि महाविद्यालय की पूरी टीम इस इनक्यूबेटर सेंटर को लेकर उत्साहित हैं। प्राचार्य ने विश्वास जताया कि स्मार्ट इनक्यूबेटर सेंटर का पूरा लाभ ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को प्रदान करने के लिए महाविद्यालय कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
विभाग के साथ पंचकूला में 6 दिसंबर को हो चुकी है। महाविद्यालय की पूरी टीम इस इनक्यूबेटर सेंटर को लेकर उत्साहित हैं।
डॉक्टर सुधीर कुमार, प्राचार्य कोसली महाविद्यालय।