फोटो: 10रेवाड़ी। बावल चौक के पास मूंगफली बेचता एक दुकानदार। संवाद
रेवाड़ी। नवंबर शुरू होते ही सर्द हवाओं ने दस्तक दे दी है और इसके साथ ही बाजारों में मूंगफली, गजक, रेवड़ी और तिल पट्टी जैसी सर्दियों की पारंपरिक चीजों की दुकानें सजने लगी है। शहर के मुख्य बाजार, मॉडल टाउन, रेलवे रोड, धारूहेड़ा चौक और बस स्टैंड क्षेत्र पर भट्ठी की तपिश के साथ मूंगफली बेचने वालों की दुकानें ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। सर्द मौसम में गरम मूंगफली का स्वाद लेना अब लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुकी है।
दुकानदारों कहते हैं कि हर साल नवंबर से फरवरी तक मूंगफली और गजक की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी होती है। सर्दी के मौसम में मूंगफली की सबसे ज्यादा आवक राजस्थान से होती है। इसके अलावा कुछ आपूर्ति उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से भी होती है। इस समय बाजार में मूंगफली 120 से 140 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रही है जबकि भुनी हुई मूंगफली की छोटी पुड़िया 10 से 20 रुपये में मिल रही है।
10 से 20 रुपये तक में मिल रही मुंगफली की छोटी पुड़िया
मूंगफली व्यवसायी राजू, मोहन और कलाम ने बताया कि वे हर साल केवल सर्दी के मौसम में ही दुकान लगाते हैं। पिछले दो साल से वह रेवाड़ी में ही मूंगफली और गजक की बिक्री कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस बार बिक्री अच्छी चल रही है और ग्राहकों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि इस समय मूंगफली 120 से 140 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है जबकि भुनी मूंगफली की छोटी पुड़िया 10 से 20 रुपये तक में मिल रही है। वहीं, गजक की खरीदारी में भी इस बार खासा इजाफा देखने को मिल रहा है। ग्राहकों में भुरभुरी गजक, गजक पट्टी, रोल और गुड़ की गजक की मांग ज्यादा है। दुकानदारों के अनुसार, गजक और रेवाड़ी सर्दियों में शरीर को ऊर्जा और गर्मी देने वाले खाद्य पदार्थ माने जाते हैं इसलिए ठंड बढ़ने के साथ ही इनकी बिक्री भी बढ़ जाती है।
अस्थाई दुकानों की भरमार
दुकानदारों का कहना है कि सर्दी की शुरुआत के साथ ही ग्राहकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। शाम के समय चाय के साथ मूंगफली खाने का मज़ा कुछ और ही होता है। बच्चे और बुजुर्ग सभी इन दिनों मूंगफली, गजक और रेवाड़ी के शौकीन बन जाते हैं। शहर के मुख्य बाजार, रेलवे रोड, मॉडल टाउन और धारूहेड़ा चौक के पास ऐसी अस्थाई दुकानों की भरमार है जहां लोगों की भीड़ देर रात तक लगी रहती है।