जिले में बृहस्पतिवार को हुई झमाझम बारिश के चलते पीतल नगरी में प्रमुख सड़कों और कई निचली सतह पर स्थित गलियों और अन्य स्थानों पर जलभराव हो गया, इससे वाहन चालकों और लोगों को काफी परेशानी हुई। वहीं लंबे समय अंतराल के बाद गुरुवार को भारी बारिश की झड़ी से मौसम एक बार फिर खुशनुमा हो गया। कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डा. रोहताश कुमार के मुताबिक रेवाड़ी में जहां 88 एमएम वहीं बावल में 98 एमएम बारिश हुई, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं।
बता दें कि इससे पूर्व गत 17 जुलाई पांचों खंड़ों में बारिश की भारी झड़ी लगी थी। इसके जिलेभर में हल्की बूंदाबांदी हुई है। पिछले 20 दिनों में कम बारिश की वजह से तापमान में भी बढ़ोत्तरी होने से लोगों को भारी गर्मी का भी सामना करना पड़ा। गर्मी से लोगों का हाल बेहाल था, लेकिन जैसे ही गुरुवार सुबह साढ़े तीन बजे बरसात की झड़ी शुरू हुई, तो तापमान में गिरावट भी आनी शुरू हो गई। सुबह 7 बजे तक मौसम बिल्कुल सुहावना हो गया था। बुधवार को जहां अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस था, वहीं गुरुवार यह 2 डिग्री घटकर 28 डिग्री सेल्सियस रह गया।
सड़कों पर फिर से हुआ जलभ्ाराव
थोड़ी से तेज बरसात होते ही शहर की सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन जाना अब आम बात सी हो गई है। गुरुवार को बरसात से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली तो जलभराव के चलते अनेक समस्याएं भी पैदा हो गईं। भारी बारिश के चलते सड़कों पर जमा पानी घरों में घुस गया। दिनभर कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने घरों से सड़क के दूषित पानी को निकाला। सड़कों पर बरसाती और सीवर का दूषित पानी एक हो गया। सीवर ओवरफ्लो होने से सड़कों पर बदबूदार माहौल बन गया।
व्यापार में आई लगभग 80 फीसदी गिरावट
तेज बरसात का सबसे अधिक खामियाजा बाजार के व्यापारियों व दुकानदारों को उठाना पड़ता है। शहर के मुख्य बाजारों में ड्रेनेज सिस्टम, नाले व सीवरेज समस्या के चलते अधिक जलभराव की समस्या रहती है। ऐसे में ग्राहकों की कम आवाजाही होती है, जिसके चलते दुकानदारों को व्यापार में नुकसान उठाना पड़ता है। गुरुवार को शहर के गोकल बाजार, नई सब्जी मंडी, मोती चौक, बाराहजारी, नाईवाली, पंजाबी मार्केट, जीवली बाजार, कटला बाजार आदि जगहों पर अधिकतर दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रही। दूसरी ओर जहां रक्षाबंधन पर्व के लिहाज से बाजारों में ग्राहकों की भीड़ नहीं टूट रही थी, वहीं गुरुवार को गिने-चुने लोग बाजार में घूमते दिखाई दिए। व्यापारियों की माने तो अन्य दिनों की तुलना में गुरुवार को 80 प्रतिशत व्यापार में गिरावट आई है।
घरों में घुसा पानी, टीनशेड गिरी
निकटवर्ती गांव भाड़वास में सुनील के घर में पानी घुसने से बाहर की तरफ लगी टीन शेड गिर गई। ग्रामीणों की मदद से टीन शेड को दोबारा सेट किया गया। वहीं झज्जर रोड़ के समीप बने स्थानीय निवासी विशाल के घर में पानी घुस गया। विशाल ने बताया कि सड़क किनारे बने नालों की सफाई नहीं होने के चलते पानी ओवरफ्लो होकर घरों में घुस रहा है, जिससे घरों की उपयोगी चीजें खराब हो गई हैं।
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वर्जन:
भाड़वास रोड़ से लेकर नई सब्जी मंडी तक बाजार के हालात खराब है। सड़क पर पानी तीन फुट ऊंचाई तक भरा है। दुकानों में पानी घुस गया है। त्योहार पर लगने वाली ग्राहकों की भीड़ जलभराव व बाजार के बदबूदार माहौल के चलते गायब सी हो गई है। भाड़ावास रोड़, पुरानी सब्जी मंडी में रोजाना 8 लाख के लगभग का बिजनेस आता है, जो गुरुवार को 80 प्रतिशत कम हो गया है।
उमेश भारद्वाज, कपड़ा व्यापारी
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बाजार में चारों ओर पानी ही पानी हो गया। गिने-चुने ग्राहक ही बाजार में आ रहे हैं। दो दिन पूर्व बाजार में पांव रखने की जगह नहीं थी कि अचानक तेज बरसात से लोगों की आवाजाही एकदम से ठप हो गई है। वहीं सीवर लाइन छोटी होने से दूषित पानी ओवरफ्लो हो गया है। बाजार में व्यापारी परेशान है, दुकानदारी में 90 प्रतिशत का नुकसान हुआ है।
हेमंत भारद्वाज, व्यापारी