पश्चिमी विक्षोभ के चलते शहर में मंगलवार दोपहर से देर शाम तक झमाझम बारिश हुई। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो आने वाले दो दिन तक जिले में कहीं-कहीं बरिश की संभावना बनी रहेगी। देर शाम तक जिले में बारिश के एमएम की पुष्टि नहीं हों पाई थी, लेकिन रेवाड़ी शहर में अनुमानित 25 एमएम से अधिक बारिश हुई है।
हालांकि बरसात से शहरवासियों कों गर्मी से राहत मिली, लेकिन किसानों को इस राहत भरी बारिश का काफी नुकसान झेलना पड़ा है। बारिश से अनाज मंडी में खुले में पड़ा लगभग 1500 क्विंटल बाजरा मंगलवार हुई बरसात से नमी पकड़ गया है। मंगलवार शाम करीब दो घंटे तक हुई बारिश के बाद शहर में नाईवाली चौक, धारूहेड़ा चुंगी, मॉडल टाउन, गुरू चौक, सेक्टर तीन, शक्ति नगर, रेलवे रोड, मेन मार्केट आदि स्थानों पर पानी भर गया। जिससे यातायात भी अवरुद्ध रहा। तेज बारिश से लोगों के घरों और दुकानों में भी पानी भर गया। बारिश थमने के बाद लोग पानी निकालते देखे गए।
पंद्रह सौ क्विंटल बाजरा भीगा
अनाजमंडी परिसर में खुले में पड़े बाजरे के भीगने से स्थानीय आढ़तियों का नुकसान अधिक हुआ है, वहीं 5 प्रतिशत के लगभग किसानों को नुकसान हुआ है। व्यापारियों ने बताया कि मंगलवार को बरसात आने से पूर्व लगभग बाजरे की ढेरियों की बोली लग चुकी थी। वहीं शाम को अनाज बोरियों में डलना शुरू हो गया था कि अचानक हुई बरसात से मंडी में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। आढ़तियों ने बताया कि किसानों के अनाज की बोली लगने के बाद जिम्मेवारी व्यापारियों की हो जाती है। ऐसे में नुकसान पूरा व्यापारियों का ही है।
जगह कम, आवक भारी
आढ़तियों ने बताया कि मंडी इस बार बाजरे की भारी आवक हो रही है, जबकि आवक के हिसाब से कवर शेड नहीं है। दूसरी ओर यह बात भी किसी से छुपी नहीं है कि कुछ आढ़तियों ने पहले से कवर शेड पर पहले खरीदा हुआ अनाज स्टाक कर रखा है, जिससे वर्तमान में मंडी में आ रहे नए अनाज को कवर शेड पर जगह नहीं मिल पा रही है। बहरहाल मंडी में स्थिति यह है कि बाजरे की आवक और बिक्री के हिसाब से बड़े व्यापारी उठान कर पा रहे हैं, जिससे नुकसान आढ़तियों को ही झेलना पड़ रहा है।
खेतों में पड़ा 20 प्रतिशत बाजरा
कृषि विशेषज्ञों की मानें तो जिलेभर में अभी भी कुल फसल का 20 प्रतिशत हिस्सा खेतों में पड़ा है। हालांकि जिले में बाजरे की कटाई तो शत प्रतिशत हो चुकी है, लेकिन कुछ किसानों ने बाजरा निकाला नहीं है। अब दो दिन और होने वाली बरसात से खेतों में पड़े बाजरे में अधिक नुकसान की संभावना बढ़ गई है।
आगामी फसल के लिए बरसात उत्तम
एक और कृषि विशेषज्ञ यह भी कह रहे हैं कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो रही इस बरसात से आगामी फसल सरसों, गेहूं में लाभ मिलेगा। 15 अक्टूबर के बाद सरसों की बिजाई शुरू हो जाएगी, जिसमें यह बरसात किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी।
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किसान तो दोपहर तक अपना बाजरा बेचकर निकल जाते हैं, इसके बाद उस अनाज की जिम्मेवारी आढ़तियों की हो जाती है। अब मंगलवार को हुई बरसात में जो बाजरा भीगा है, उसका नुकसान किसान नहीं आढ़तियों को ही झेलना पड़ेगा। किसान तो तय बोली के अनुसार अपना पैसा ले जाएंगे।
राधेश्याम मित्तल, प्रधान, व्यापार मंडल