रेवाड़ी। मार्च 2020 में कोरोना के चलते लगाए गए लॉकडाउन से लेकर अब तक रेलगाड़ियों का आवागमन सुचारु नहीं होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। डेली यात्री संघ ने एक जुलाई तक सभी पैसेंजर रेलगाड़ियों का संचालन शुरू नहीं होने पर 50 हजार डेली यात्रियों के साथ रेवाड़ी जंक्शन पर धरना देने की चेतावनी दी है। संघ का कहना है कि बीते 14 माह में कई बार दिल्ली व जयपुर डिविजन के अधिकारियों को ज्ञापन देने के बावजूद समाधान नहीं हो पा रहा है। जबकि अन्य राज्यों में पैसेंजर व अन्य तरह की गाड़ियों का संचालन हो रहा है।
बता दें कि लॉकडाउन से पहले रेवाड़ी व दिल्ली के बीच 19 पैसेंजर सहित 70 से अधिक रेलगाड़ियों का आवागमन होता था। इसके माध्यम से रेवाड़ी जंक्शन से प्रत्येक दिन 50 हजार दैनिक यात्री व 50 हजार सामान्य यात्री दिल्ली, अलवर, जयपुर व रोहतक की ओर आवाजाही करते थे। लेकिन अब दिल्ली-रेवाड़ी के बीच महज चार रेलगाड़ियों का ही संचालन हो पा रहा है। इनका समय भी प्रतिदिन नौकरियों के लिए जाने वाले लोगों के अनुकूल नहीं है। ऐसे में ये लोग एक साल से अधिक समय से बसों व अन्य वाहनों में ज्यादा पैसे देकर जाने को मजबूर हैं।
सुबह 7:05 व 9 बजे अध्यापक ट्रेन की बंदी से परेशानी
वर्तमान में रेवाड़ी जंक्शन से सुबह 5:30 रेवाड़ी से दिल्ली व सुबह 6:05 पर तिलकब्रिज- गंगानगर, 11 बजे कालंदी व दोपहर तीन बजे दिल्ली-मेरठ पैसेंजर रेलगाड़ी कां संचालन हो रहा है। लेकिन सुबह 7:05 मिनट पर चलने वाली रेलगाड़ी बीते 14 माह से बंद है। इस रेलगाड़ी में क्षमता से दोगुना यात्री दिल्ली की ओर सफर करते थे। इसके अलावा सुबह 9:25 पर चलने वाली गाड़ी भी बंद है। इसमें अधिकतर अध्यापकों की संख्या रहती थी। इस रेलगाड़ी को अध्यापक ट्रेन के नाम से जाना जाता है। दोपहर एक बजे रेवाड़ी से दिल्ली की ओर जाने वाली रेलगाड़ी भी बंद है। इसके अलावा वापसी में दैनिक यात्रियों के लिए सबसे उपयुक्त दिल्ली से पांच बजे चलने वाली ट्रेन भी बंद है। वहीं दोपहर 12:30 दिल्ली सराय रोहिल्ला से चलने वाली गाड़ी का संचालन भी नहीं हो पा रहा है।
कोरोना से पहले जंक्शन से बनी 50 हजार एमएसटी
रेवाड़ी जंक्शन से दिल्ली, जयपुर, अलवर, मुंबई, चंडीगढ़, रोहतक सिरसा, बीकानेर, जोधपुर सहित देश के प्रत्येक कोने में जाने के लिए रेलगाड़ियों का संचालन होता है। ऐसे में अकेले रेवाड़ी जंक्शन पर 50 हजार लोगों ने मासिक पास (एमसटी) बनवाई हुई है। लेकिन बीते 14 माह से एमएसटी भी नहीं बन पा रही है। ऐसे में लोगों को ज्यादा राशि खर्च कर यात्रा करनी पड़ रही है। लॉकडाउन से पहले रेवाड़ी से दिल्ली के पालम स्टेशन तक एमएसटी 220 रुपये में बनती थी। वहीं गुरुग्राम के गढ़ी हरसरू तक 185 रुपये की एमएसटी थी। ऐसे में लोगों की मांग है कि रेलगाड़ियों के संचालन से लेकर एमएसटी बनाने का कार्य जल्द शुरू होना चाहिए।
एक ही टिकट विंडो खुलने से परेशानी
जंक्शन पर संख्या में बेहद कम रेलगाड़ियों का संचालन होने से दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा होती है। यात्रियों के अनुसार एक ही विंडो खोलने से लंबी-लंबी लाइनें लग जाती हैं। इससे कोरोनाकाल में सामाजिक दूूरी तक का पालन नहीं हो पा रहा है। सोमवार को दोपहर के समय भी कुछ इसी तरह के हालात दिखाई दिए। इस दौरान कुछ जागरूक यात्रियों ने अपनी परेशानी भी गिनाई। यात्रियों की मांग है कि जंक्शन पर विंडों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
दैनिक यात्री संघ के प्रधान हरीश भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली व जयपुर डिविजन के अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। 19 में से महज चार रेलगाड़ियों का संचालन होने से 50 हजार डेली पैसेंजर के साथ करीब एक लाख लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में गाड़ियों का संचालन हो रहा है तो यहां पर क्यों नहीं। इसको लेकर लोगों में रोष है। यदि एक जुलाई तक सभी पैसेंजर रेलगाड़ियों का संचालन शुरू नहीं हुआ तो सभी 50 हजार डेली पैसेंजर रेवाड़ी जंक्शन पर धरना देंगे।