डहीना। गुणात्मक शिक्षा से ही सरकारी स्कूलों की दशा और दिशा बदली जा सकती है। शिक्षक और अभिभावक बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें उचित मंच प्रदान करें, क्योंकि हर बच्चे में कोई न कोई प्रतिभा छिपी होती है।
यह बात मुख्यमंत्री की सुशासन सहयोगी (सीएमजीजीए) नैंसी ने गांव सीहा स्थित सीएम ईईई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित प्रतिभा प्रोत्साहन एवं सम्मान समारोह में कही।
कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत, युवा चेतना संगठन और स्कूल प्रबंधन समिति के सहयोग से किया गया। समारोह की अध्यक्षता डीपीसी संतोष तंवर ने की, जबकि विद्यालय के प्राचार्य एवं साहित्यकार सत्यवीर नाहड़िया ने स्वागताध्यक्ष की भूमिका निभाई।
प्रदेश सरकार के एमिनेंट पर्सन विक्रम पांडे और गांव की सरपंच सरिता यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। सीएमजीजीए नैंसी ने कहा कि प्रदेश सरकार स्कूलों में भौतिक संसाधन और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दे रही है। अब ग्राम पंचायत, स्कूल प्रबंधन समिति और विद्यालय प्रबंधन को मिलकर गुणात्मक सुधार के लिए धरातल पर कार्य करना होगा।
डीपीसी संतोष तंवर ने सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित समारोह को प्रेरक बताया। प्राचार्य सत्यवीर नाहड़िया ने विद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
समारोह में शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेलकूद के क्षेत्र में खंड, जिला एवं राज्य स्तर पर विद्यालय का प्रतिनिधित्व करने वाले करीब 180 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। समाजसेवी सतीश कुमार जैन ने हिंदी पखवाड़े में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 50 विद्यार्थियों और पांच अध्यापकों को विशेष रूप से सम्मानित किया।
कला अध्यापिका लक्ष्मी यादव के निर्देशन में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया।