प्रदेश में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में पंजाबी समुदाय को हुए भारी नुकसान को लेकर समुदाय के लोगों का गुस्सा अभी कम नहीं हुआ है। समुदाय अब अपनी सुरक्षा के लिए पंजाबी युवा ब्रिगेड खड़ी करेगा। जिसमें 25 से 45 साल तक लोगों को शामिल किया जाएगा।
यह ब्रिगेड किसी भी पंजाबी पर आने वाली विपदा के सामने डटकर खड़ी होगी। हालांकि ब्रिगेड हर कार्य कानून के दायरे में करेगी। रेवाड़ी के बाद यह ब्रिगेड पूरे प्रदेश भर में भी बनाई जा सकती है।
पंजाबी समुदाय की किसी प्रदेश स्तर मंच पर रखने की तैयारी भी की जा रही है। ब्रिगेड जहां भी कोई समुदाय के लोगों को परेशान करेगा तो उसका मुकाबला करेगी।
पंजाबी समुदाय की बुधवार को मियांवाली पंचायत घर में हुई बैठक में 22 सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया, जो इस आंदोलन को होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखने के साथ लोगों से आगे की रणनीति पर सुझाव लेकर प्रधान को रिपोर्ट करेगी। उल्लेखनीय है कि जाटों ने युवा जाट ब्रिगेड बनाई है तो कुरूक्षेत्र से सांसद राजकुमार सैनी ने ओबीसी ब्रिगेड। इसके बाद अब पंजाबी युवा ब्रिगेड बनाई जा रही है।
हर सप्ताह होगी बैठक
पंजाबी समुदाय अब हर सप्ताह बैठक जैसी गतिविधियां जारी रखेगा। ताकि सभी एकजुट रखकर हर परेशानी का मुकाबला किया जा सके। बैठक में जाट आंदोलन के दौरान पंजाबी समुदाय को निशाना बनाकर किए गए हमले की निंदा की गई। साथ ही कहा गया कि पूरे प्रदेश में समुदाय के लोगों को एकजुट होने की जरूरत है। यदि सरकार ने व्यापारियों के नुकसान की भरपाई नहीं की तो समुदाय के लोग असहयोग आंदोलन छेड़ेंगे।
आज की जरूरत है युवा संगठन
प्रधान मदनलाल झाम का कहना है कि युवा संगठन आज की जरूरत है। यह संगठन समुदाय के लोगों को परेशान करने वालों से निपटेगा। लेकिन कानून के दायरे में रहकर। हमें किसी से जबरदस्ती नहीं उलझना, लेकिन उत्पीड़न भी नहीं सहेंगे।
कमेटी में इन्हें किया शामिल
हरीश अरोड़ा, मनीष चराया, मास्टर वेदप्रकाश, सुभाष चुघ, चंद्रशेखर, रवि चांदना, रमेश अरोड़ा, पवन बठला, संजय मलिक, महेंद्र चक्रवर्ती, सचिन मलिक, केके चौधरी, श्याम दुआ, रवि ठकराल, नवीन पिपलानी, चरणजीत, नवीन पोपली, महेंद्र रूपेला, बोधराज चुघ, लक्ष्मण अरोड़ा, अभिषेक झाम और राजेंद्र गुलाटी को कमेटी में शामिल किया गया है।