विद्यार्थियों को संबोधित करते कुलपति प्रो. असीम मिगलानी। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की ओर से स्वयं की दक्षताओं को बढ़ाने एवं सकारात्मक कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करने पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव प्रो. गुलशन तनेजा ने कर्मचारियों को कार्यक्षमता बढ़ाने के गुर बताए।
कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने कहा कि संस्थान की प्रगति के लिए समय की पाबंदी, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और टीम भावना आवश्यक है। कर्मचारियों का अनुशासित, सकारात्मक एवं सहयोगात्मक दृष्टिकोण विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाता है।
मुख्य वक्ता प्रो. गुलशन तनेजा ने समय प्रबंधन, कार्यों की प्राथमिकता तय करने, आपसी समन्वय और जिम्मेदारी के साथ दायित्व निभाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को संगठन के उद्देश्यों, नियमों और अपेक्षाओं के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
कार्यस्थल पर एकाग्रता और उत्पादकता बढ़ाने के लिए मोबाइल फोन का अनावश्यक उपयोग सीमित करना भी जरूरी है। उन्होंने थकान प्रबंधन और सकारात्मक सोच बनाए रखने के उपाय भी बताए।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. विपुल यादव ने कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रीना हुड्डा ने किया, जबकि आईक्यूएसी निदेशक प्रो. विकास बत्रा ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. संजीव कुमार, मोहित रेवड़ी, डॉ. नवीन पिपलानी सहित विभिन्न विभागों के गैर-शिक्षक कर्मचारी उपस्थित रहे।