धारूहेड़ा। संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को डिवीजन कार्यालय परिसर में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया।
प्रधान पोहप सिंह ने इसकी अध्यक्षता की। कर्मचारियों ने कहा, निजीकरण कर्मचारियों और उपभोक्ताओं दोनों के हित में नहीं है। उन्होंने सरकार से निजीकरण प्रक्रिया तत्काल वापस लेने की मांग की। मोर्चा ने 6, 7 और 8 अगस्त को प्रदेशभर के सभी सब-डिवीजन कार्यालयों पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की।
यदि सरकार ने मांगों पर निर्णय नहीं लिया, तो 11, 12 और 13 अगस्त को प्रदेश स्तरीय तीन दिवसीय हड़ताल होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। प्रदर्शन में छतर पाल, राज सिंह, प्रताप सिंह, जसवंत सिंह, परसराम, नरेंद्र सिंह और महेंद्र सिंह सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।