रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सततता और नवाचार को बढ़ावा दिया गया। यह कार्यक्रम 28 फरवरी 1928 को भौतिक विज्ञानी सीवी रमन द्वारा रमन प्रभाव की खोज की स्मृति में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रोफेसर दिनेश कुमार एवं मुख्य वक्ता प्रोफेसर राकेश कुमार रहे।
संयोजक प्रोफेसर रश्मि पुंडीर ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए सभी को विज्ञान के महत्व को समझाया। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा युवाओं को सतत विकास हेतु अनुसंधान और नवाचार में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए विशिष्ट अतिथियों, प्राध्यापकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर तीन प्रमुख प्रतियोगिताओं साइंस एंड टेक्नोलॉजी ऑन कैनवास, वेस्ट टू वेल्थ मॉडल तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में स्टार्ट-अप हेतु नवाचारी विचार प्रस्तुति का आयोजन किया गया।
इनमें 230 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। साइंस एंड टेक्नोलॉजी ऑन कैनवास प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक विषयों और नवाचारी विचारों को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया। प्रथम स्थान ईशाना और पूजा (राजकीय कन्या महाविद्यालय, रेवाड़ी) ने प्राप्त किया, जिन्हें 5 हजार की नकद राशि प्रदान की गई।
द्वितीय स्थान तुषार और प्रीति (कंप्यूटर विज्ञान विभाग, आईजीयू) को 3 हजार की राशि के साथ मिला तथा तृतीय स्थान गुरवीन कौर और साक्षी (रसायन विज्ञान विभाग, आईजीयू) को 2 हजार की राशि के साथ प्राप्त हुआ।
वेस्ट टू वेल्थ मॉडल प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को कृषि अवशेष, ई-कचरा, प्लास्टिक अपशिष्ट एवं रसोई कचरे जैसे अपशिष्ट पदार्थों को मूल्यवान उत्पादों में परिवर्तित करने के शोध-आधारित नवाचारी विचार प्रस्तुत करने का मंच प्रदान किया। इसमें प्रथम स्थान हरकेश और याशी (बायोटेक विभाग, आईजीयू) ने 3 हजार की राशि के साथ प्राप्त किया। द्वितीय स्थान नेहा और स्वीटी गुप्ता (भौतिकी विभाग, आईजीयू) को 2 हजार की राशि के साथ तथा तृतीय स्थान निश्का और अनुज लांबा (राजकीय महाविद्यालय, नारनौल) को 1 हजार की राशि के साथ प्राप्त हुआ।
विचार प्रस्तुति प्रतियोगिता का ये रहा परिणाम:
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में स्टार्ट-अप हेतु नवाचारी विचार प्रस्तुति प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को व्यवहारिक एवं शोध-आधारित स्टार्ट-अप विचार प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया। इस सत्र में विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता और रोजगारपरक कौशल को विकसित करना था। इस प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रो. सविता श्योराण, डॉ. रमेश एवं डॉ. जयश्री (राजकीय कन्या महाविद्यालय, रेवाड़ी) द्वारा किया गया। प्रथम स्थान गीतांजलि और देवानंद (पर्यावरण विज्ञान विभाग, आईजीयू) ने 2
हजार की राशि के साथ प्राप्त किया। द्वितीय स्थान प्रज्ञा यादव (फार्मेसी विभाग, आईजीयू) को 1200 की राशि के साथ तथा तृतीय स्थान प्रिया और अपना (भौतिकी विभाग, आईजीयू) को 800 की राशि के साथ प्राप्त हुआ। सभी विजेताओं एवं प्रतिभागियों को कुलपति, कुलसचिव, मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता द्वारा प्रमाण-पत्र और पुरस्कार वितरित किए गए।