संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के सभी निजी स्कूलों को फीस बढ़ोतरी की जानकारी फॉर्म-6 के माध्यम से 31 मई तक शिक्षा विभाग को देनी होगी। फार्म-6 के माध्यम से फीस बढ़ाने की जानकारी न देने पर संबंधित विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
नया सत्र शुरू होने से पहले शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को फार्म-6 भरने के आदेश दिए थे लेकिन स्कूलों ने जो जानकारी दी वह संतोषजनक नहीं पाई गई। इसके बाद विभाग ने दोबारा एमआईएस पोर्टल खोल दिया है। विभाग ने फार्म-6 का नया फार्मेट जारी किया है। इस फार्मेट के अनुसार ही स्कूलों को फीस संबंधी जानकारी देनी होगी। इस फार्म में स्टाफ को दिए जा रहे वेतन की भी जानकारी देनी होगी। सही व समय पर जानकारी न देने वाले स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग ठोस कदम भी उठा सकता है।
जिले में 352 निजी विद्यालय हैं। जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि निजी स्कूलों में मार्च से ही दाखिला प्रक्रिया शुरू हो गया था और फॉर्म-6 भी भरे जा रहे थे लेकिन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी का चुनाव में ड्यूटी होने के कारण इन फार्मों को चेक नहीं किया जा सका था। अब जब चेक किया तो पता चला कि निजी संस्थाओं द्वारा फॉर्म में भरी गई जानकारियां काफी गलत हैं। इसके बाद विभाग ने एक बार दोबारा से मेरी संस्थाओं को फॉर्म भरने का निर्देश दिया है।
शिक्षा विभाग को सूचना मिली है कि निजी संस्थानों में वेतन और फीस को लेकर काफी गड़बड़ी चल रही है। इसके अलावा स्कूल फार्म-6 में फीस बढ़ोतरी कुछ और दिखाते हैं, जबकि अभिभावकों से फीस कुछ और वसूली जाती है।
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वर्जन-
शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को दोबारा फॉर्म भरने के निर्देश दिए हैं। निजी स्कूलों को 31 मई तक फॉर्म भर कर देना होगा। इससे पहले भरे गए फॉर्म में खामियां पाई गई थीं।-महेंद्र सिंह खगनवाल, जिला शिक्षा अधिकारी, रेवाड़ी।