बावल। थाना कसौला पुलिस ने मोनू हत्याकांड के मुख्य आरोपी गांव मुंडनवास कमालपुर निवासी सोनू को गिरफ्तार किया है। इस मामले में मृतक की पत्नी तन्नू समेत तीन आरोपी पहले पकड़े जा चुके हैं।
पुलिस के अनुसार मोनू की हत्या प्रेमप्रसंग में उसकी पत्नी तन्नू ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर कराई थी। पुलिस ने इस मामले में पहले तन्नू, हरिओम और अमन को गिरफ्तार किया था। अब सोमवार को सोनू को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने सोनू को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए एक दिन के रिमांड पर लिया है।
गांव जड़थल निवासी रतनलाल ने 10 जून को थाना कसौला में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका बेटा मोनू 8 जून की रात करीब 10 बजे इलेक्ट्रिक स्कूटी लेकर दवाई लेने के लिए घर से निकला था लेकिन नहीं लौटा। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज किया था।
जांच के दौरान 10 जून को पुलिस को सूचना मिली कि गांव आसलवास की नहर में एक युवक का शव पड़ा है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला, जिसकी पहचान लापता मोनू के रूप में हुई।
घटनास्थल से मोनू की इलेक्ट्रिक स्कूटी भी बरामद हुई थी। शुरुआत में मामला नहर में डूबने का प्रतीत हो रहा था, क्योंकि शव पर कोई स्पष्ट चोट के निशान नहीं मिले थे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया था।
बाद में परिजनों ने हत्या की आशंका जताई, जिस पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा बढ़ाया। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच में हत्या की साजिश का खुलासा हुआ।
इस तरह दिया था वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार मोनू की पत्नी तन्नु का सोनू नामक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। पति को रास्ते से हटाने के लिए तन्नु ने सोनू के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। इस साजिश में सोनू के दो साथी हरिओम और अमन निवासी मुंडनवास को भी शामिल किया गया। योजना के अनुसार तन्नु ने फोन कर मोनू को गांव कसोली बुलाया। वहां पहले से मौजूद हरिओम और अमन ने उसे पकड़ लिया। आरोपियों ने मोनू को बेसुध करने के बाद शव को आसलवास नहर में फेंक दिया, ताकि घटना को हादसे का रूप दिया जा सके।