प्राचीन भगवान जगन्नाथ मंदिर के रात्रि जागरण में भजनों की प्रस्तुति देते कलाकार। स्त्रोत : आयोजक
रेवाड़ी। शहर के प्राचीन भगवान जगन्नाथ मंदिर में मंगलवार की रात आयोजित जागरण में गायकों ने प्रभु जगन्नाथ के दरबार में भजनों की प्रस्तुति दी। इस दौरान मंदिर को फूलों से सजाया गया था। भगवान की रथयात्रा वीरवार को निकाली जाएगी।
मंदिर संचालक पंडित टेकचंद गौड़ ने शेरो-शायरी के साथ 148 वर्षों से निरंतर निकल रही भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से जुड़े संस्मरण भी साझा किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित त्रिलोक चंद्र रामायणी ने मंगल पूजन से तथा भजन गायक संजय शर्मा ने गणेश वंदना से किया। उनका भजन गोबिंद मेरो है, गोपाल मेरो है श्रद्धालुओं को खूब पसंद आया।
मानवी भारद्वाज ने झूला झूल रही राधा रानी, झुला रहे नंदलाल और मुरारी सोनी ने मेरी आंखों में सूरत श्याम की, भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। विजय त्यागी और ललित सैनी ने भी अपनी प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध किया।
मंदिर प्रबंधन ने बताया कि वीरवार को बाराहजारी स्थित मंदिर से भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा निकलेगी, जो विभिन्न बाजारों से होते हुए अनाज मंडी स्थित शिव मंदिर पहुंचेगी और विश्राम के बाद सरकुलर रोड से वापस मंदिर आएगी। यात्रा में शहनाई, ढोल-ताशा, नगाड़ा, गतका पार्टी और आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण रहेंगी। श्रद्धालुओं से अधिक-से-अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई।