रेवाड़ी। डेंगू की जांच की सुविधा जिले में सिर्फ रेवाड़ी नागरिक अस्पताल में है। इससे कोसली के लोगों को जांच कराने के लिए शहर आना पड़ता था लेकिन अब कोसली स्थित सामान्य अस्पताल में भी डेंगू की जांच सुविधा शुरू करने की तैयारी की ज रही है।
जिले में प्री-मानसून की दस्तक के साथ ही डेंगू का खतरा बढ़ने लगा है। बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव होने से मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में डेंगू के इलाज की व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है।
जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में केवल सैंपल एकत्र कर उन्हें जिला अस्पताल भेजा जाता है, जिससे रिपोर्ट आने में 24 से 48 घंटे लग जाते हैं।
डिप्टी सिविल सर्जन एवं मलेरिया नोडल अधिकारी डॉ. जोगिंद्र तंवर ने बताया कि डेंगू का मच्छर साफ और ठहरे हुए पानी में अंडे देता है। बुखार, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों में दर्द, शरीर पर लाल चकत्ते, उल्टी और भूख न लगना डेंगू के लक्षण हैंं। उन्होंने लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के पेन किलर दवाएं नहीं लेने की सलाह दी। संवाद