रेवाड़ी। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने शहर के आसपास आठ नए सेक्टर विकसित करने का मेगा प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत रेवाड़ी और धारूहेड़ा के नजदीकी गांवों की करीब 1465 एकड़ जमीन चिह्नित कर ई-भूमि पोर्टल पर विवरण साझा कर दिया गया है।
इस बार विभाग ने जमीन अधिग्रहण की पुरानी प्रक्रिया की बजाय सहमति का रास्ता अपनाया है। सरकार सीधे किसानों से संवाद करेगी और जो अपनी मर्जी से जमीन देगा, उसी की भूमि पर सेक्टर की नींव रखी जाएगी।
ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से जमीन की खरीद की जाएगी। भूमि मालिकों को पोर्टल पर अपनी जमीन संबंधी जानकारी देनी होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्र में भी विकास की उम्मीद जगी है।
प्रशासन की ओर से तैयार किए गए मास्टर प्लान के अनुसार, चिह्नित की गई जमीन पर तीन श्रेणियों (आवासीय, कामर्शीयल और पब्लिक उपयोग) में सेक्टर विकसित होंगे। ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से जमीन लेने की प्रक्रिया होगी।
विभाग केवल उन्हीं खसरों पर काम आगे बढ़ाएगा जिनके मालिक स्वेच्छा से पोर्टल पर पंजीकरण करेंगे। जमीन चिह्नित होने के बाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बैठकें होंगी। इसमें वर्तमान मार्केट रेट और कलेक्टर रेट को ध्यान में रखते हुए आपसी सहमति से मुआवजा तय किया जाएगा।
नए सेक्टर विकसित होने से लोगो मिलेंगे घर
प्रशासन केवल नए सेक्टरों की योजना ही नहीं बना रहा बल्कि जो पुराने प्रोजेक्ट थे, उन्हें भी गति दी गई है। सेक्टर-7 में हाल ही में कई प्लॉटों की ई-नीलामी संपन्न हुई है। वहीं, सेक्टर 20-24 पार्ट भी अब नीलामी के अंतिम चरणों में है। रेवाड़ी में एक साथ 8 सेक्टरों का आना जिले की व्यवस्था के लिए बूस्टर डोज माना जा रहा है। नए सेक्टरों के बनने से न केवल स्थानीय लोगों को घर मिलेगा बल्कि बाहरी निवेशकों के आने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। विशेषकर कामर्शीयल सेक्टरों के विकसित होने से फायदा होगा।
यहां बनेंगे आवासीय और कामर्शीयल सेक्टर
रेवाड़ी क्षेत्र के 5 सेक्टर सेक्टर-14 (आवासीय): यह सबसे बड़ा प्रस्तावित सेक्टर है। इसके लिए रेवाड़ी शहर और कुतुबपुर मोला गांव की 569.60 एकड़ जमीन चिह्नित है। यह शहर के रिहायशी दबाव को कम करने में सहायक होगा। सेक्टर-23 (आवासीय) : कालका, गुरदास माजरा, कोनसीवास और माढिया कलां जैसे गांवों की 250.70 एकड़ जमीन पर सुंदर पार्क और आधुनिक सुविधाओं वाला आवासीय क्षेत्र विकसित होगा। सेक्टर-38 (आवासीय) : काठुवास, डवाना और लालपुर की 227.25 एकड़ जमीन पर तीसरे आवासीय सेक्टर की योजना है। सेक्टर-29बी (कामर्शीयल) : व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए डवाना की 224.38 एकड़ जमीन को पूरी तरह व्यावसायिक उपयोग के लिए रखा गया है। सेक्टर-31 (कामर्शीयल) : बरियावास, गुरदास माजरा और भूडला की 194.65 एकड़ जमीन पर बड़े शॉपिंग मॉल, शोरूम और ऑफिस स्पेस की तैयारी है।
धारुहेड़ा क्षेत्र के 3 महत्वपूर्ण सेक्टर
सेक्टर-5ए (पब्लिक व सेमी पब्लिक): धारूहेड़ा में 53 एकड़ जमीन पर स्कूल, अस्पताल और सामुदायिक केंद्रों जैसे सार्वजनिक भवनों का निर्माण होगा। सेक्टर-5थी (कामर्शीयल): धारूहेड़ा और माहेश्वरी की 20.50 एकड़ जमीन पर छोटा लेकिन प्रीमियम कामर्शीयल सेंटर बनेगा। सेक्टर-20 (कामर्शीयल): माहेश्वरी और गढ़ी अलावलपुर की 125 एकड़ भूमि पर एक और बड़ा कामर्शीयल प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। जो मर्जी से बेचने को तैयार होंगे उन्हीं से जमीन ली जाएगी।
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वर्जन
ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से सेक्टरों के लिए जमीन खरीदी जाएगी। जो भूमि मालिक अपनी मर्जी से जमीन बेचने को तैयार होंगे उन्हीं से जमीन ली जाएगी। जिला नगर योजनाकार की ओर से उपरोक्त सेक्टर प्लान किए गए हैं।-दीपक घनघस, संपदा अधिकारी, एचएसवीपी।