रेवाड़ी। कुरुक्षेत्र में 24 नवंबर से 5 दिसंबर तक आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को लेकर अब जिलास्तर पर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। शिक्षा विभाग की ओर से विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, इतिहास और गीता ज्ञान के प्रति रूचि बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
इस क्रम में निबंध लेखन, गीता श्लोकोच्चारण, भाषण, संवाद, प्रश्नोत्तरी और चित्रकला जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें कक्षा छठी से 12वीं तक के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। विभाग के अनुसार प्रतियोगिताएं खंड स्तर से शुरू होकर जिला व राज्य स्तर तक आयोजित होंगी ताकि हर स्तर पर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मंच मिल सके।
निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को गीता विषय पर 250 से 600 शब्दों में सार प्रस्तुत करना होगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में गीता के उपदेश, जीवन मूल्यों और धर्म के प्रति समझ विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी में गीता के आदर्शों और भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस आयोजन से विद्यार्थियों में न केवल रचनात्मकता और अभिव्यक्ति कौशल बढ़ेगा, बल्कि उन्हें जीवन मूल्यों और आत्मज्ञान की दिशा में भी प्रेरणा मिलेगी।
13 से 30 नवंबर तक तीन चरणों में होंगी प्रतियोगिताएं
13 से 15 नवंबर तक खंडस्तरीय प्रतियोगिता, 20 से 22 नवंबर तक जिलास्तरीय व 27 से 30 नवंबर तक राज्यस्तरीय प्रतियोगिता आयोजित होंगी। विजेता विद्यार्थियाें को नकद पुरस्कार देकर पुरस्कृत किया जाएगा। प्रतियोगिता दो श्रेणी पर आधारित रहेगी। प्रथम श्रेणी में कक्षा छठी से आठवीं, दूसरी श्रेणी में कक्षा 9वीं से 12वीं के राजकीय व निजी विद्यालयों के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। निबंध लेखन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को चार भाषाओं में से एक के चयन की छूट दी जाएगी। विद्यार्थी हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत या उर्दू में से एक भाषा चुन सकते हैं। प्रतियोगिता का विषय गीता का महत्व, गीता से क्या सीखा, गीता से मेरे जीवन में बदलाव रहेगा। साथ ही विशेष विद्यार्थियों को 30 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
वर्जन
विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, इतिहास और गीता के ज्ञान के प्रति रूचि बढ़ाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग की ओर से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इन प्रतियोगिताओं में कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा और उन्हें राज्यस्तर पर प्रतिनिधित्व करने का अवसर भी मिलेगा।
-दुष्यंत सिंह, प्राचार्य, पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिठवाना।