बावल। निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए हरियाणा सरकार ने बावल विधानसभा क्षेत्र के तीन गांवों में नए पावर हाउस स्थापित करने की योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत मनेठी, बिदावास और रणसिंह माजरा गांव में पावर हाउस स्थापित किए जाएंगे।
बावल विधानसभा क्षेत्र के गांव मनेठी, बिदावास और रणसिंह माजरा में प्रत्येक पावर हाउस की क्षमता 12.50-12.50 मेगावाट की होगी। इससे कुल क्षमता 37.50 मेगावाट की अतिरिक्त बिजली उत्पादन क्षमता क्षेत्र में जुड़ जाएगी।
परियोजना के लिए कुल 24 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें पावर हाउस की स्थापना, उपकरण, संचालन और अन्य संबंधित खर्च शामिल हैं।
बावल क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में उद्योग, कृषि और घरेलू उपयोग के लिए बिजली की खपत में लगातार वृद्धि हुई है। इस बढ़ती मांग को देखते हुए नए पावर हाउस का निर्माण आवश्यक हो गया था।
इन पावर हाउस के निर्माण से स्थानीय किसानों, उद्योगपतियों और आम नागरिकों को लंबे समय तक स्थिर और निर्बाध बिजली उपलब्ध होगी। इससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास, कृषि क्षेत्र में सिंचाई और घरेलू बिजली उपयोग में सुधार होगा। साथ ही बिजली कटौती की समस्या काफी हद तक कम होने की संभावना है।
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विधायक डॉ. कृष्ण कुमार ने की थी मांग
बावल के विधायक डॉ. कृष्ण कुमार ने हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान क्षेत्र में बढ़ती बिजली मांग और बार-बार आने वाली विद्युत समस्याओं को उठाते हुए नए पावर हाउस की आवश्यकता पर जोर दिया था। उनकी मांग पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए, जिसके परिणामस्वरूप इन पावर हाउस को स्वीकृति मिली। इसकी घोषणा के बाद बावल क्षेत्र के लोगों में काफी खुशी है।
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विकास की बढ़ रही रफ्तार
विधायक डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि बावल क्षेत्र में विकास की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है ताकि गांव आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि बिजली किसी भी क्षेत्र के विकास की रीढ़ होती है। नए पावर हाउस के निर्माण से बावल विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में कृषि कार्य, छोटे उद्योग, रोजगार के अवसर और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बावल क्षेत्र विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।