रेवाड़ी। शहर में मंगलवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 373 दर्ज किया गया जो स्वास्थ्य के लिहाज से जोखिम भरा है।ग्रैप-4 की पाबंदियां लागू होने के बाद भी शहर में प्रदूषण का उच्च स्तर बना हुआ है।
वायु में धूल और धुएं की मात्रा अधिक रहने से बच्चों, वृद्धों और सांस संबंधी रोगों से पीड़ित मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है। सड़क पर वाहन, उद्योग और खुले में कचरा जलाने जैसी गतिविधियों से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है।
दिनभर धुंधली धुंआधार और अस्वस्थ वातावरण का सामना करना पड़ रहा है। पर्याप्त निरीक्षण न होने के कारण ग्रैप की पांबदी का असर अपेक्षित रूप से नहीं दिख रहा है। फिलहाल आने वाले दिनों में भी प्रदूषण बढ़ने की संभावना है।