रेवाड़ी। सुबह के समय का मौसम। संवाद
- फोटो : विजेथुआ महावीरन धाम का मकरीकुंड व मंदिर ।
रेवाड़ी। लंबे समय से प्रदूषण के बढ़ते स्तर से परेशान लोगों को आखिरकार राहत की सांस मिली है। सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक संतोषजनक श्रेणी में दर्ज किया गया। अधिकतम प्रदूषण स्तर 176 दर्ज किया गया जो मध्यम श्रेणी में आता है। इससे पहले लगातार कई दिनों तक एक्यूआई 300 से 400 के बीच बना हुआ था।
दिवाली के बाद से ही रेवाड़ी की हवा जहरीली हो गई थी। पटाखों के धुएं, वाहनों से निकलने वाले धुएं ने मिलकर वायु गुणवत्ता को बेहद खराब कर दिया था। एक्यूआई 400 से भी ऊपर चला गया था जो गंभीर श्रेणी में गिना जाता है। रविवार को प्रदूषण का स्तर 434 दर्ज किया गया था जो इस सीजन का सबसे अधिक था। यह स्तर न केवल खतरनाक माना जाता है, बल्कि सांस, आंखों और त्वचा से जुड़ी समस्याओं को भी बढ़ा देता है।
सोमवार को मौसम में थोड़ा बदलाव देखने को मिला। हल्की हवा चलने और तापमान में गिरावट से प्रदूषक कणों का असर कम हुआ। इससे जिले की हवा में सुधार आया और एक्यूआई 176 तक पहुंच गया। प्रदूषण में आई इस कमी से लोगों ने राहत की सांस ली है।
बीते सप्ताह सांस लेना भी मुश्किल हो गया था
विवेक, राहुल और जीतेश का कहना है कि बीते सप्ताह सांस लेना भी मुश्किल हो गया था। धुंध के कारण सुबह और शाम को सड़क पर दृश्यता बेहद कम हो जाती थी। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब हवा में सुधार होने से लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है।
केवल मौसम पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए केवल मौसम पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। शहर में धूल नियंत्रण, औद्योगिक उत्सर्जन पर निगरानी और वाहनों के धुएं को कम करने के ठोस प्रयास करने होंगे। फिलहाल प्रदूषण का स्तर कम होने से आमजन को राहत जरूर मिली है लेकिन यह राहत अस्थायी है। आने वाले दिनों में यदि तापमान में और गिरावट हुई और हवा की गति धीमी पड़ी तो एक्यूआई फिर से बढ़ सकता है। इसलिए लोगों को सजग रहने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की जरूरत है।