फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari News: ग्रैप के उल्लंघन पर 15 औद्योगिक इकाइयों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का नोटिस जारी

विज्ञापन
अनाज मंडी मार्ग पर सुबह के समय उड़ती धूल। संवाद
विज्ञापन
रेवाड़ी। जिले में ग्रैप के नियमों का पालन न करने पर हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने निरीक्षण अभियान चलाकर अभी तक 15 औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी किए हैं। इन इकाइयों पर पर्यावरण मानकों का पालन न करने, प्रदूषित उत्सर्जन नियंत्रण उपकरणों के खराब होने, कचरा निस्तारण में लापरवाही और जल व वायु प्रदूषण फैलाने जैसे आरोप सामने आए हैं।
विज्ञापन

बोर्ड की ओर से तैयार की गई विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है। मुख्यालय से रिपोर्ट पर अनुमोदन मिलने के बाद दोषी इकाइयों पर भारी जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कुछ मामलों में दोबारा उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित उद्योगों को सील करने तक की कार्रवाई भी संभव है।
इस सीजन का सबसे खतरनाक प्रदूषण स्तर 2 नवंबर को दर्ज हुआ था, जब एक्यूआई 434 पहुंच गया था। इसके अलावा दीपावली पर 412 और 31 अक्तूबर को 406 दर्ज किया गया था। दरअसल इस बार धारूहेड़ा का प्रदूषण का स्तर कई बार पूरे देश में सबसे अधिक दर्ज किया गया था। उसके बाद बोर्ड की तरफ से प्रदूषण फैलाने वालों को चिह्नित कर नोटिस भेजा गया है।
विज्ञापन

धारूहेड़ा का एक्यूआई सबसे अधिक दर्ज करने के बाद प्रशासन की भी चिंता काफी बढ़ चुकी थी। ऐसे में नोटिस जारी कर कार्रवाई के लिए कहा गया है।

निरीक्षण में सामने आए कई गंभीर तथ्य

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान टीम ने विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में जाकर यूनिटों की जांच की। टीम ने पाया कि कई इकाइयों में धुआं शोधन संयंत्र ठीक तरह से कार्य नहीं कर रहे थे। कुछ उद्योगों में कचरा निस्तारण की व्यवस्था बिल्कुल लचर थी। कई इकाइयों में बिना ट्रीटमेंट के अपशिष्ट जल को बाहर छोड़े जाने के मामले भी पाए गए। निर्धारित मानकों से अधिक धूल और गैसों का उत्सर्जन दर्ज किया गया। इन खामियों को गंभीर पर्यावरण उल्लंघन मानते हुए तुरंत नोटिस जारी किए गए।



पिछले वर्ष 30 लाख रुपये तक का लगाया गया था पर्यावरण मुआवजा
पिछले वर्ष ग्रेडेड रिस्पाॅन्स एक्शन प्लान (जीआरएपी) के तहत जारी दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के लिए विभिन्न सरकारी कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों और निजी संपत्ति के मालिकों पर 30 लाख रुपये से अधिक का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया था। टीम द्वारा निर्माण और विध्वंस गतिविधियों से संबंधित निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर चार भवन निर्माण स्थलों के मालिकों पर कुल 9.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। बावल में एचएसआईआईडीसी अधिकारियों पर 80 हजार रुपये, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) पर 25 हजार रुपये और उप निदेशक (कृषि) पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। उनके कार्यालय और संबंधित क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट और कूड़ा जलता हुआ पाया गया था। निर्देशों के उल्लंघन के लिए कुल 40 डीजी सेट सील कर दिए गए थे।


मंगलवार को प्रदूषण का स्तर 166 दर्ज
मंगलवार को प्रदूषण का स्तर 166 दर्ज किया गया है। ऐसा हवा चलने की वजह से हुआ है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में उत्तरी पर्वतीय इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर उत्तरी मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर व दिल्ली में लगातार देखने को मिल रहा है। आमतौर पर दिसंबर में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने और उत्तरी पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी होने के बाद मैदानी राज्यों की तरफ उत्तरी हवाएं चलने से पारा लुढ़कता है और दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में शीतलहर की स्थिति देखने को मिलती है। इस साल मानसून के बाद अक्तूबर से ही उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने, उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर बर्फबारी और मैदानी राज्यों में बारिश होने से ठंड का आगाज नवंबर में देखने को मिल रहा है। 18 नवंबर को बादल छाए रहने की संभावना है।

-
वर्जन:
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने ग्रैप के नियमों की अवहेलना करने पर अभी तक 15 औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी किए हैं। कार्रवाई को लेकर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। जैसे ही रिपोर्ट आएगी उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। -अजय, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें