स्वराज अभियान के संयोजक योगेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के शासन से छह माह में ही हर वर्ग परेशान हो गया है। उन्होंने राज्य में भाजपा सरकार को हरियाणा की जनता के साथ हुआ सबसे बड़ा मजाक करार दिया है। उन्होंने कहा कि अमूमन कोई भी जीती पार्टी दो साल तक चहेती रहती है और धीरे-धीरे वजूद खोती है, लेकिन मनो सरकार ने छह महीने में ही यह उपलब्धि हासिल की है।
उन्होंने दिल्ली में आप सरकार और पंजाब में बादल सरकार पर भी निशाना साधा। योगेंद्र यादव स्वराज अभियान की कार्यशाला के दौरान रेवाड़ी के बोहतवास अहीर स्थित राव खेमचंद महाविद्यालय में पहुंचे थे।
योगेंद्र यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आरक्षण मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट तक की साफ गाइडलाइन है, बावजूद इसके पालना नहीं होती। आज राजनीति से विदुर गायब हो गए हैं, इसलिए कुरुक्षेत्र युद्ध निश्चित है। कॉलेज में चल रही कार्यशाला में रेवाड़ी के अलावा फरीदाबाद, मेवात और गुड़गांव के वॉलंटियर भी हिस्सा ले रहे हैं।
यादव बोले कि धर्मनिरपेक्षता मतलब अल्पसंख्यकों के वोट बैंक की राजनीति और सामाजिक न्याय महज शुद्ध जातिवाद, व्यवस्था को तोड़ने पर योग्यतावाद तक टिका है। उनकी संस्था का मोटिव लोगों को शॉर्ट नहीं बल्कि लांग टर्म में होने वाले लाभों से अवगत कराना है।
पंजाब में महज नैतिक सपोर्ट, 2 अक्तूबर को फैसला
पंजाब में उनकी पार्टी के उतरने के सवाल पर योगेंद्र यादव बोले कि पार्टी पंजाब में चुनाव नहीं लड़ेगी। साथ ही कहा कि पंजाबी बादलों से छुटकारा पाना चाहते हैं। आप से सांसद डॉ. धर्मबीर गांधी को फिलहाल नैतिक रूप से सपोर्ट करना तय हुआ है। 2 अक्तूबर को यह फैसला होगा कि इसके अलावा पार्टी कहां-कहां से चुनाव लड़ेगी। उनका उद्देश्य पार्टी को चुनावी मशीन बनाना नहीं है।
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कल को आकार दे वही कलाकार
थियेटर ऑफ रेलेवेंस के सृजक व प्रयोगकर्ता मंजुल भारद्वाज ने कहा कि 11 से 13 सितंबर तक चलने वाली स्वराज कार्यशाला में स्वराज अभियान के वॉलेंटियर्स को चैतन्य अभ्यास, मानव की अपेक्षाएं, खेती और किसानी आंदोलन, नशाखोरी के विरुद्ध आंदोलन, सेक्युलरवाद, आरक्षण, आर्थिक नीति, कश्मीर, नई आर्थिक नीति आदि विषयों पर समझाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कलाकार का मतलब कल को आकार देने वाला होता है। यहां खुद को तराशने का मौका मिलता है।