संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश ने कहा कि पांच गांवों के लोगों द्वारा अपने-अपने गांव में 200 बेड का अस्पताल बनवाने की मांग करने के पीछे राजनीति होने की आशंका जताई जा रही है।
उन्होंने कहा कि जिस 200 बेड के अस्पताल का निर्माण 7-8 साल पहले शुरू हो जाना चाहिए था, वह जमीन न मिलने के नाम पर लटकाए रखा गया। अब जिले के पांच गांवों के लोग जमीन देकर अस्पताल को अपने-अपने गांव में बनवाने की मांग कर रहे हैं।
भगवानपुर गांव के लोग केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के वादे के अनुसार भगवानपुर में 200 बेड अस्पताल बनाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि उनसे वाटर टैंक के लिए 10 एकड़ पंचायती जमीन इसी शर्त पर ली गई थी कि भगवानपुर में 200 बेड का अस्पताल बनेगा।
भगवानपुर ग्राम पंचायत इसके लिए 8 एकड़ जमीन मुफ्त देने को तैयार है। विद्रोही ने कहा कि गांव शहबाजपुर खालसा, माजरा श्योराज, गोकलगढ़ और फिदेड़ी गांव के लोग भी अपने-अपने गांव में अस्पताल बनवाने के लिए मुफ्त में जमीन देने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि सवाल उठ रहा है कि अपने-अपने गांव में अस्पताल बनाने की यह होड़ स्वभाविक है या इसके पीछे कोई राजनीति है, इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।