बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की 130वीं जयंती पर कांस्य प्रतिमा के अनावरण करने पहुंचे डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को काले झंडे दिखाने की चेतावनी के चलते खुफिया विभाग व पुलिस अधिकारी अलर्ट पर रहे। किसान जैसे ही सुबह 10 बजे पार्क में एकत्रित होना शुरू हुए पुलिस बल ने किसानों को घेरकर वहीं हिरासत में ले लिया। हालांकि इस दौरान कुछ किसान पुलिस को चकमा देकर निकल गए लेकिन थोड़ी ही देर बाद उनको भी दबोच लिया।
12 बजे होने वाले कार्यक्रम से एक घंटा पहले 13 मुख्य किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया। इसके बाद इन्हें मॉडल टाउन और रामपुरा थाने में रखा गया। शाम साढ़े पांच बजे इन किसान नेताओं को एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद बांड भरवाकर इनको छोड़ दिया गया। शहर में करीब 500 पुलिसकर्मी चप्पे-चप्पे पर तैनात थे, एक कंपनी आरएएफ की भी तैनात की गई थी।
सुरक्षा का जिम्मा खुद एसपी अभिषेक जोरवाल ने संभाला हुआ था। करीब साढ़े 4 बजे गढ़ी बोलनी रोड पर आयोजित कार्यक्रम के बाद दुष्यंत चौटाला शहर के केएलपी कॉलेज में हेलीकॉप्टर में सवार होकर राजस्थान के लिए निकल गए। इसके बाद प्रशासन व पुलिस ने राहत की सांस ली। वहीं प्रशासन की ओर से करीब साढ़े पांच बजे गिरफ्तार किए गए किसानों को छोड़ा गया।
शहर के मॉडल टाउन थाने में बंद किसानों ने शाम पांच बजे रिहा होने के बाद कहा कि कार्यक्रम का नहीं समाज को तोड़ने वाले नेताओं का विरोध किया जा रहा है। इन नेताओं का समाज से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस किसानों को गिरफ्तार कर उनके आंदोलन को कमजोर नहीं कर सकती है, इसके लिए विरोध लगातार जारी रहेगा।
दूध व गंगाजल से नहलाएंगे प्रतिमा : किसान
गिरफ्तार किए भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रदेश महासचिव रामकिशन महलावत ने कहा कि सरकार किसानों की आवाज को दबाना चाहती है। जल्द ही एक कार्यक्रम आयोजित कर बाबा साहेब की प्रतिमा को दूध व गंगाजल ने नहलाया जाएगा। गिरफ्तार किए गए लोगों में ईश्वर सिंह महलावत, भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के जिला प्रधान समय सिंह, मुकेश शर्मा, नवीन सोहलोत, अशोक यादव, दीपचंद यादव, राजेंद्र राठी व राजेश शर्मा सहित अन्य लोग शामिल रहे। सभी को एसडीएम कोर्ट से जमानत दी गई।