शहर निवासी झोलाछाप डॉक्टर गिरोह बनाकर रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ व गुरुग्राम से लेकर आगरा तक गर्भ में बेटा या बेटी बताने का घिनौना कृत्य कर रहा था। रेवाड़ी स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की टीम ने एनसीआर में चल रहे इस गिरोह के आगरा निवासी दो दलालों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिलाओं को गुुरुग्राम में लिंग जांच कराने का झांसा देकर आगरा के नर्सिंग होम ले जाता था, वहां पर पहले से ही सक्रिय दलाल महिला को चिकित्सक के पास ले जाते और जांच के बाद वापस भेज देते थे। आगरा से बाहर निकलने के बाद महिला को गर्भ जांच के बारे में बताया जाता था। लेकिन इस बार पूरा नेटवर्क पकड़ में आ गया, लेकिन मुख्य आरोपी व महिला चिकित्सक अस्पताल बंद कर फरार होने मेें कामयाब रही। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पकड़ा गया शहर निवासी झोलाछाप डॉक्टर दलाल मुकेश 60 हजार रुपये में डील करता था। प्राथमिक जांच में पता चला है कि डॉक्टर तक महज 15 हजार रुपये ही पहुंचते थे। इस मामले में भी आरोपी ने भ्रूण लिंग जांच कराने के लिए मुकेश से 60 हजार रुपये में सौदा तय किया तथा 14 दिसंबर को उसके खाते में पैसे भी जमा करा दिए।
बताया गुरुग्राम, ले गया आगरा
दलाल ने गर्भवती महिला को 19 दिसंबर को तड़के चार बजे बस स्टैंड रेवाड़ी लेकर आने के लिए कहा। 19 दिसंबर को स्वास्थ्य विभाग की और से तैयार की गई डिकोय पेसेंट को दलाल मुकेश कार लेकर लेने के लिए पहुंच गया। पहले मुकेश ने गुरुग्राम में जांच कराने के लिए कहा, परंतु बाद में उन्हें केएमपी एक्सप्रेस हाईवे से आगरा स्थित चोपड़ा मैटरनिटी एंड नर्सिंग होम में ले गया।
लड़का- लड़की बताने आए दलालों को पुलिस ने धरा
नर्सिंग होम में एक महिला डॉक्टर ने जांच के बाद डिकोय पेसेंट को वापस भेज दिया। करीब पांच किलोमीटर वापस लौटने के बाद दो और लोग विक्रम व मनोज कार लेकर उनके पास पहुंचे तथा गर्भ में लड़की होना बताया। दोनों ने बताया कि गर्भ साढ़े तीन माह का होने के बाद एक फिर से जांच होगी। डिकोय पेसेंट के साथ मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम के सदस्य की सूचना पर मौके पर छापेमारी कर दी तथा नर्सिंग होम से जानकारी देने के लिए आए विक्रम व मनोज को काबू कर लिया। पकड़े जाने की जानकारी के बाद महिला डॉक्टर व मुख्य दलाल मुकेश फरार होने में कामयाब हो गए।
डॉक्टर को दिए मात्र 15 हजार रुपये
टीम में सीनियर मेडिकल ऑफिसर एवं पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. चितरंजन, उप सिविल सर्जन डॉ. विशाल राव, डॉ. रजनीश व ड्रग कंट्रोल अधिकारी अमनदीप चौहान शामिल थे। पूछताछ में पता लगा कि मुकेश ने भ्रूण लिंग जांच के लिए महिला डाक्टर को 15 हजार रुपये दिए गए है। शहर थाना पुलिस ने डिप्टी सिविल सर्जन विजय प्रकाश की शिकायत पर महिला डाक्टर मुकेश, विक्रम, मनोज व योगेश के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
महिला चिकित्सक सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। रेवाड़ी पुलिस मामले में कार्रवाई करेगी। पीएनडीटी एक्ट के तहत जहां पर पैसे लेनदेन की बात होती है, वहीं की पुलिस कार्रवाई करती है।
अमनदीप चौहान, ड्रग इंस्पेक्टर, रेवाड़ी।