संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। खेल प्रशिक्षकों के मानदेय का भुगतान करने की स्वीकृति मिल गई है लेकिन खेल नर्सरियों के खिलाड़ियों को खुराक भत्ते का अभी तक इंतजार है। इस वर्ष खेल नर्सरियां आरंभ हुए दो माह बीत चुके हैं। जून भी समाप्त हो गया है लेकिन नर्सरियों के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को खुराक भत्ता नहीं दिया जा सका है।
इस वर्ष 50 खेल नर्सरियां सरकारी संस्थानों और पंचायतों के अधीन है। वहीं 17 नर्सरियां खेल विभाग के प्रशिक्षकों के सान्निध्य में चल रही हैं। 25 खिलाड़ी प्रत्येक नर्सरी के हिसाब से 1675 खिलाड़ियों को खुराक भत्ता नहीं मिला है।
इतना ही नहीं पिछले साल संचालित 59 नर्सरियों के 1475 खिलाड़ियों को भी चार माह का खुराक भत्ता का इंतजार है। खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सितंबर तक का ही भुगतान हुआ था। इसके बाद भुगतान नहीं हुआ।
पिछले वर्ष संचालित अधिकांश नर्सरियां इस बार बंद हो गई हैं। इस वर्ष सरकारी और पंचायत को जो नर्सरियां आवंटित हुईं हैं उनमें से अधिकांश नए हैं। इनमें अधिकांश नए खिलाड़ी चयनित हुए हैं। पिछले साल के बहुत कम खिलाड़ी चयनित हुए हैं।
कई खिलाड़ियों की 19 वर्ष आयु सीमा भी पार हो चुकी है। इनमें से कई खेल से दूर हो चुके हैं तो कोई उच्च पढ़ाई के लिए जिले से बाहर जा चुका है। ऐसे में खुराक भत्ता मिलेगा या नहीं खिलाड़ी असमंजस की स्थिति में हैं।
वर्जन :
खेल नर्सरियों से संबंधित खुराक भत्ता और मानदेय को लेकर उच्चस्तर पर प्रक्रिया चल रही है। पिछले दिनों अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इस विषय पर विचार हुआ था। जल्द ही खुराक भत्ता और प्रशिक्षकों का मानदेय जारी होने की उम्मीद है।-ममता देवी, जिला खेल अधिकारी।