बदलते मौसम में धुंध की दस्तक के बाद खासकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन भी सतर्क हो गया है। उपायुक्त एवं जिलाधीश डॉ यश गर्ग ने सभी स्कूली बसों में फॉग लाइट लगाने के लिए धारा-144 लागू की है।
उन्होंने यह भी आदेश दिया है कि स्कूलों में फॉग लाइट लगाने के बाद वाहनों की फोटो भी उनके कार्यालय में भेजनी होगी। ऐसा न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देशों के पालन के लिए जिला शिक्षा अधिकारी व आरटीए को यह आदेश दिए हैं।
उन्होंने आरटीए को निर्देश दिए कि वे समय-समय पर स्कूल बसों की चेकिंग करके यह सुनिश्चित करें कि स्कूल वाहनों पर फॉग लाइट लगी हुई है अथवा नहीं। उन्होंने सभी स्कूल संचालकों को सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी स्कूल वाहनों के आगे व पीछे 'स्कूल बस', स्कूल का नाम व टेलीफोन नंबर लिखा हुआ होना चाहिए तथा बस चलाने की गति अधिक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि यदि बस किराए पर ली हुई है तो उसके पीछे साफ 'ऑन स्कूल डयूटी' लिखा हुआ होना चाहिए।
सभी स्कूल वाहनों में आग बुझाने के यंत्र व प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स लगा हुआ हो, वाहनों की खिड़की ग्रिल के समांतर फिट हो। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी बस चालक निर्धारित संख्या से अधिक बच्चे बसों में न बैठाएं और बस को सावधानी से चलाएं ताकि दुघर्टना का अंदेशा ना रहे।
बसों के दरवाजे लॉक होने योग्य हों तथा वाहनों में जरूरत से ज्यादा बच्चें न बैठाएं। प्रत्येक बस के साथ बच्चों को चढ़ाने व उतारने के लिए एक सहायक भी होना चाहिए। बच्चों के माता-पिता, अभिभावक व अध्यापकगण भी बच्चों की सुरक्षा के लिए बसों में उक्त सुविधाएं उपलब्ध होना सुनिश्चित करें ताकि कोई अनहोनी ना हो सके। बसों में साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखें।