रेवाड़ी। मार्टियर्स फैमिली वेलफेयर फाउंडेशन ने फिल्म 120 बहादुर के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। फाउंडेशन के संयोजक गांव कैलाशपुर (ढाणी जाटूसाना) निवासी डॉ. टीसी राव (वेटरन) ने बताया कि यह मामला केवल एक फिल्म का नहीं, बल्कि 1962 की ऐतिहासिक रेजांगला लड़ाई में बलिदान हुए 114 वीर अहीरों की शौर्यगाथा और सम्मान की रक्षा का प्रश्न है।
उन्होंने कहा कि फिल्म का जारी हुआ टीजर पूरे अहीर समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला है और इसमें अनेक ऐतिहासिक तथ्यों को गंभीर रूप से तोड़ा-मरोड़ा गया है।
डॉ. राव ने बताया कि रेजांगला की लड़ाई में 120 सैनिकों में से 117 अहीर थे जिन्हें भारतीय सेना ने वीरों में अति शूरवीर अहीर की विशेष उपाधि दी थी। इसके बावजूद फिल्म के टीजर और सामग्री में अहीर सैनिकों की इस वीरता को हाशिये पर डाल दिया गया है।
फिल्म में मात्र पांच संवादों में अहीर शब्द का उल्लेख किया गया है, जबकि वास्तविक इतिहास में इस युद्ध का पूरा आधार ही अहीर वीर सैनिकों की अद्वितीय लड़ाई और सर्वोच्च बलिदान पर टिका हुआ था।
समुदाय का आरोप है कि फिल्म का शीर्षक 120 बहादुर पूरी तरह भ्रामक और ऐतिहासिक दृष्टि से गलत है क्योंकि यह न तो युद्ध की वास्तविक संरचना दर्शाता है न ही वीर चक्र विजेताओं और अन्य सैनिकों के योगदान को न्याय देता है।
फाउंडेशन ने अपील की है कि बलिदानों की गाथा का सम्मान किया जाए और इसे किसी भी तरह के गलत चित्रण या तथ्यों के विरूपण का साधन न बनने दिया जाए।