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Rewari News: पेयजल संकट से जनता परेशान, अवैध कनेक्शन पर सुस्त कार्रवाई

Sat, 14 Jun 2025 12:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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शहर में अवैध कनेक्शन से निकलता पानी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। शहर में पेयजल संकट होने के बाद भी पेयजल का अवैध कनेक्शन लेने वालों को खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। शहर में पेयजल के 20 हजार अवैध कनेक्शन हैं लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से 500 से कुछ अधिक कनेक्शन ही काटे जा सके हैं। वहीं नोटिस जारी होने के बाद भी तमाम लोगों ने अपने कनेक्शन को वैध नहीं कराया है।
शहर में 70 दिनों से पेयजल संकट है। एक दिन छोड़कर पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में पेयजल का कनेक्शन लेने वालों ने परेशानी और बढ़ा दी है। अवैध कनेक्शन के चलते लीकेज की समस्या भी पैदा होती है जिससे घरों में दूषित पानी पहुंचता है। इसके अलावा अवैध कनेक्शन लेने वाले पानी का दुरुपयोग भी करते हैं।
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इसके बाद भी अवैध कनेक्शनों को बंद करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। नगर परिषद क्षेत्र में करीब 47 हजार घर हैं। इनमें वैध कनेक्शन लेने वालों की संख्या सिर्फ 27,558 है। 20 हजार से ज्यादा घरों में पेयजल का अवैध कनेक्शन लिया गया है। जन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पिछले दिनों 15 से अधिक क्षेत्रों में अवैध कनेक्शन की जांच की थी।
इस दौरान बल्लूवाड़ा, स्वामीवाड़ा, पुरानी तहसील, गुड्डू आटा चक्की वाली गली, शुक्रपूरा, खासापुरा, चौधरी वाड़ा बारा हजारी, नई बस्ती, मोती चौक, भीम बस्ती, पंजाबी मार्केट व पुरानी शहर के कुछ हिस्से में अवैध कनेक्शन मिले थे।
विभाग की ओर से दिए गए वैध कनेक्शन की पाइल लोहे की होती है जबकि अवैध कनेक्शन लेने वाले प्लास्टिक की पाइप का इस्तेमाल करते हैं। यह पाइपलाइन विभाग की पाइपलाइन की तुलना में काफी मोटी होती है। दोनों पाइप लाइन में काफी फर्क होता है।


नोटिस देकर विभाग करता है खानापूरी

जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अवैध कनेक्शनों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। शहर में कॉमर्शियल कनेक्शनों की संख्या 247 हैं। विभाग की ओर से अवैध कनेक्शन लेने वालों को नोटिस देकर कनेक्शन को वैध कराने का निर्देश दिया जाता है। इसके बाद भी अवैध कनेक्शन लेने वाले इसमें रुचि नहीं दिखातेहैं। 500 से अधिक लोगों को नोटिस दिया गया है। जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार पानी का बिल भी कम आता है, लेकिन उसे भी लोग देने को तैयार नहीं होते हैं। अवैध कनेक्शन लेने वाले प्लास्टिक की मोटी पाइप का इस्तेमाल करते हैं जिससे वैध कनेक्शन धारकों को नुकसान होता है। वह शिकायत लेकर विभाग के पास आते हैं। लेकिन विभाग की तरफ से कनेक्शन काटने की कार्रवाई नहीं की जाती है।
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पानी का बिल समय से नहीं करते जमा

विभाग के अनुसार जिन घरों में पानी का मीटर लगा हुआ है, वहां छह माह में 360 रुपये बिल जाता है। ऐसे लोगों का हर महीने 60 रुपये का बिल आता है। इसके अलावा जिन घरों में पानी मीटर नहीं लगा हैं उन्हें छह माह में 720 रुपये का बिल दिया जाता है। ऐसे लोगों को हर माह में 120 रुपये बिल चुकाना पड़ता है। कनेक्शन धारक समय से बिल भी नहीं जमा करते हैं। बिल जमा करवाने के लिए भी विभाग की तरफ से नोटिस दिया जाता है।
नहर में 16 दिन की बजाय 14 दिन ही मिला पानी
इस बार के शेड्यूल में नहर में पानी भी 16 दिन की बजाय 13-14 दिन ही मिला है। वह भी पूरे फ्लो के साथ नहीं चला है। शुरूआत में ही पानी का फ्लो 500 क्यूसेक तक चला, लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे 150 तक ही रह गया। ऐसे में दोनों जलघरों के वाटर टैंक तो भर गए, लेकिन अगले एक माह तक नियमित पानी देने के लिए स्टोरेज पर्याप्त नहीं है। इसी वजह से आगे भी एक दिन छोड़कर पानी दिया जाता है। अगर नहर में पानी चलने में देरी हुई तो भविष्य में दो दिन छोड़कर भी आपूर्ति हो सकती है। आउटर कॉलोनियों में तो सप्लाई का बुरा हाल है। एक दिन छोड़कर भी मात्र 15-20 मिनट ही पानी की आपूर्ति की जाती है।
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वर्जन
पेयजल का अवैध कनेक्शन लेने वालों को नोटिस देकर कनेक्शन वैध करने के निर्देश दिए जाते हैं। फिर भी लोगों की तरफ से कनेक्शनों को वैध नहीं कराया जाता है। अभी शहर में 27,558 नियमित कनेक्शन हैं। अवैध कनेक्शनों के कारण कई बार लाइन लीकेज हो जाती है और घरों तक दूषित पानी पहुंचता है। शहर की कई भीतरी कॉलोनियों से भी इस तरह की शिकायत आती है।- हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग, रेवाड़ी।
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