संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। तापमान में बदलाव के कारण लोग वायरल बुखार, सर्दी, जुकाम पीड़ित हो रहे हैं। इसके अलावा श्वास, दमा और एलर्जी से पीड़ित मरीज भी पहुंच रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 300 से 400 मरीज इलाज व सलाह के लिए पहुंच रहे हैं। अक्सर बादल छाने और सर्द हवा चलने के कारण ठंड बढ़ी है। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है। सुबह व रात की सर्द हवा सांस के रोगियों के लिए परेशानी का कारण है। डाॅक्टरों के अनुसार सुबह सैर सपाटे या अन्य किसी काम से बाहर जाना है तो हल्के गर्म कपड़े जरूर पहने। सर्द हवा की वजह से सेहत खराब कर सकती है। रात को निकलते समय भी ध्यान रखना जरूरी है। खुले में टहलने पर प्रदूषित कण सांस के सहारे भीतर जाते है और उससे सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके अलावा बंद कमरे या ठंडे कमरे में बैठने या सोने के बाद खुली हवा में जाने से इंफेक्शन फैलने की संभावना रहती है। बंद कमरे में अधिक लोग जब एक साथ बैठते है। उसमें भी सांस लेना मुश्किल होता है। मौसम में हुए एकाएक बदलाव के बाद स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ी है।
बीमारी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
मौसमी बीमारियों से बचने के लिए आवश्यक है कि गर्म पानी पीना चाहिए। दमा के मरीज धूल, धुआं से दूर रहें। घरों से बाहर जाते समय मास्क का प्रयोग करें, बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम के साथ ही दिन में भी गर्म कपड़े पहनाएं, किसी भी बुखार, खांसी से ग्रस्त मरीज के संपर्क में अन्य लोग न आएं, खांसते व छींकते समय मुंह पर रुमाल अवश्य रखें। यह सामान्य वायरल है, इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। विशेषज्ञ चिकित्सक से दवाई लें, जिससे कि वायरल चार से पांच दिनों में ठीक हो सके।
वर्जन
वायरल बुखार से पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। इसका कारण अधिकतम व न्यूनतम तापमान के बीच अधिक अंतर आना है। छोटे बच्चे डायरिया से पीड़ित हो रहे हैं। मौसम में नमी अधिक है। जुकाम, शरीर में दर्द, सिरदर्द की समस्या से लोग ग्रहिसत हो रहे है।- डॉ. गौरव यादव, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल रेवाड़ी