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Rewari News: नागरिक अस्पताल में दवाइयों, जांच किट और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से मरीज परेशान

Fri, 29 May 2026 11:31 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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नागरिक अस्पताल कोसली। संवाद
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कोसली। स्थानीय नागरिक अस्पताल में दवाइयों, जांच किट और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। सुविधाओं की कमी के चलते मरीजों को निजी अस्पतालों और लैब का सहारा लेना पड़ रहा है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की कमी के चलते ऑपरेशन से होने वाली डिलीवरी के 50 प्रतिशत मामलों को रेवाड़ी और रोहतक रेफर किया जा रहा है।
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नागरिक अस्पताल में महिला विशेषज्ञ की नियुक्ति के बाद क्षेत्र की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद जगी थी लेकिन संसाधनों की कमी ने उनकी मुश्किलें फिर बढ़ा दी हैं। गर्भवती महिलाओं का कहना है कि अस्पताल में केवल आयरन की गोलियां ही उपलब्ध हैं। अन्य जरूरी और महंगी दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं।
खून और एचआईवी जांच भी निजी लैब में करवानी पड़ रही है जिससे मरीजों को आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। सबसे बड़ी समस्या एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की कमी से पैदा होती है।
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ऑपरेशन से होने वाली डिलीवरी के मामलों में एनेस्थीसिया डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण करीब 50 प्रतिशत मरीजों को रेवाड़ी या रोहतक रेफर करना पड़ रहा है। कई बार प्रसव पीड़ा में महिलाओं को दूसरे शहरों तक ले जाना परिवारों के लिए मुश्किल और जोखिम भरा होता है।

आवश्यक जांच किट और विशेषज्ञ डॉक्टरों की जरूरत

नागरिक अस्पताल में लंबे समय बाद महिला विशेषज्ञ डॉ. प्रीति की नियुक्ति हुई थीं लेकिन उनकी ड्यूटी सप्ताह में तीन दिन ही रहती है। डॉ. प्रीति ने बताया कि संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को पूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। आवश्यक जांच किट और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हो जाएं तो अधिकतर मामलों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही संभव है। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले माह पांच डॉक्टरों की नियुक्ति की थी लेकिन एक भी डॉक्टर ने ज्वाइन नहीं किया। इनमें से तीन डॉक्टरों ने अन्य स्थानों पर तबादला करवा लिया। डॉक्टरों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
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दवाएं नहीं मिलतीं तो कभी डॉक्टर उपलब्ध नहीं होते
ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में कभी दवाएं नहीं मिलतीं तो कभी डॉक्टर उपलब्ध नहीं होते हैं। अस्पताल में एक्स-रे मशीन लगने के बाद भी मरीजों को फिल्म नहीं होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। यह स्थिति कई महीनों से बनी है। लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि अस्पताल में जल्द से जल्द विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए और आवश्यक दवाइयों व जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि गर्भवती महिलाओं को राहत मिल सके और उन्हें इलाज के लिए दूसरे शहरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
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अस्पताल में इलाज के लिए गया था। पता चला कि डॉक्टर नहीं है। इसकी वजह से डॉक्टर को नहीं दिखा सके। अब दोबारा यहां नहीं आएंगे।-
ओमबीर

नागरिक अस्पताल में दवाई नहीं मिलती है। बाहर से दवाई लाने के लिए कहा जाता है। डॉक्टर जल्दी मिलते नही हैं। इससे स्वास्थ्य सेवा प्रभावित होती है। राजविजय तंवर

कोसली अस्पताल में सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। एक्सरे जल्दी होते नहीं है। दवाईयां मिलती नहीं है। काफी समस्या हो रही है।
होशियार सिंह, नंबरदार

अस्पताल की हालत खराब है। ना दवाइयां मिलती हैं और न ही डॉक्टर मिलते हैं। इस पर प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है।
हरीश बिड़ला
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एचआईवी जांच किट उपलब्ध हो गई है। अन्य दवाइयों की मांग उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ निजी कारणों से उपलब्ध नहीं हैं लेकिन जल्द समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है।-विक्रम, एसएमओ, नागरिक अस्पताल कोसली।
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