रेवाड़ी। गांव होंद चिल्लड़ में 42 वर्ष पहले 32 निर्दोष सिखों की हत्या कर दी गई थी। सिख शहीदों की याद में मंगलवार को गांव में सुखमनी साहिब का पाठ और अरदास कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम का नेतृत्व होंद चिल्लड़ तालमेल कमेटी के प्रधान और पायल विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंजीनियर मनविंदर सिंह गियासपुरा ने किया। मनविंदर सिंह ने कहा कि 2 वर्ष के मासूम बच्चे को दीवार से पटक-पटक कर मारा गया।
70 वर्षीय बुजुर्गों को आग में जला दिया गया और सैनिक इंद्रजीत सिंह को सेना की वर्दी में होने के बावजूद मार दिया गया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ हत्या नहीं थी बल्कि कांग्रेस सरकार की नाक के नीचे मानवता की हत्या थी।
कार्यक्रम में संगत को उन स्थानों पर ले जाया गया जहां नरसंहार की सारी हदें पार की गई थीं, वह दीवार जहां मासूम की जान गई और वह कुआं जिसमें 32 निर्दोष सिखों को जला कर फेंका गया। इस दौरान सुरजीत कौर, जिन्होंने अपने 12 परिजनों को खो दिया था, ने भी संगत को कुएं का दर्दनाक दृश्य दिखाया।
गियासपुरा ने बताया कि इस मामले में एसपी राम किशोर, डीएस पी राम भग्ग और अन्य के खिलाफ 2017 से याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित है, लेकिन न्याय प्रणाली केवल तारीखें देती रही। अगली सुनवाई 10 अप्रैल 2026 तय की गई है। कार्यक्रम में सुरजीत कौर, गोपाल दास, गुरजंट सिंह, अविनाशप्रीत सिंह, बूटा सिंह, कवलजीत सिंह बिट्टू, मनजीत सिंह धामी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।