संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। पॉक्सो अधिनियम के तहत गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एक नाबालिग से दुष्कर्म और उसे धमकाने के मामले में फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी पिता और मां को आजीवन कठोर कारावास की सजा दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. मनपाल रामावत की अदालत ने दोनों दोषियों को अलग-अलग धाराओं में सजा और जुर्माने के आदेश दिए।
पिता को बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम की धारा-6 के तहत आजीवन कठोर कारावास मिला है। उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। धमकी देने के लिए पिता को भारतीय दंड संहिता की धारा-506 के तहत दो साल का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना हुआ।
वहीं, सह आरोपी मां को पॉक्सो अधिनियम की धारा-17 के तहत आजीवन कठोर कारावास की सजा मिली है। मां पर भी 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। मां को भारतीय दंड संहिता की धारा-506 के तहत तीन साल का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना भी मिला। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जांच के दौरान पीड़िता के बयान अदालत में दर्ज किए गए। घटनास्थल का निरीक्षण, चिकित्सकीय जांच और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोषियों के खिलाफ चालान पेश किया था।
सुनवाई के दौरान पेश साक्ष्यों और गवाहियों से दोनों दोषी करार दिए गए। अदालत ने बच्चों के विरुद्ध अपराधों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता बताई।