ब्रह्मपुत्र का पानी रोकने और आतंकी एवं जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को भारत द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रयास में वीटो इस्तेमाल कर आतंकवाद का समर्थन करने की चीनी चुनौती को व्यापारी संगठनों ने स्वीकार किया है। पाकिस्तान को विभिन्न मोर्चों पर घेरने में जुटे भारत पर दबाव बनाने के लिए चीन की इस हरकत के विरोध में व्यापारी संगठनों ने एकजुट होकर सोमवार को चीनी सामान की होली जलाई।
नाराज व्यापारियों का कहना था कि सेना और सरकार पाकिस्तान से निपटे जबकि चीन से व्यापारी निपट लेंगे। विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर त्यौहारों के सीजन में चीन का सामान खरीदने और न बेचने का निर्णय लिया है। जिले के व्यापारियों का कहना है कि सोशल मीडिया के साथ-साथ अब जमीनी स्तर पर भी चीन का विरोध होगा। आतंकवाद का साथ देने वाले चीन के सामान का बहिष्कार कर उसे आर्थिक मोर्चे पर घेरने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा पीएम मोदी की स्वदेशी वस्तुएं ही खरीदने की अपील भी सोशल मीडिया पर भाजपाई नेताओं और आमजन के बीच बांटे जा रहे हैं।
एकजुट हों, जलाई चाइनीज सामान की होली
सोमवार को गोकुल बाजार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान विवेक ढींगरा के नेतृत्व में व्यापारी मोती चौक पर इकट्ठे हुए। व्यापारियों ने चौक पर ही चाइनीज लड़ियों और अन्य सामान को प्रतीकात्मक रूप से आग के हवाले किया। व्यापारियों का कहना था कि चीन ने पाकिस्तान को स्पोर्ट कर ब्रह्मपुत्र का पानी रोक कर आतंकवाद का सहयोग किया है। व्यापारिक संगठनों ने सभी व्यापारियों से अनुरोध किया है कि आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए चाइना के सामान का विरोध कर स्वदेशी वस्तुएं अपनाएं।
यह संगठन थे मौजूद
गोकल बाजार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान विवेक धींगरा, मेटल मर्चेंट एसोसिएशन के प्रधान मुरारी लाल अग्रवाल, मोती चौक व्यापार संगठन के प्रधान अनिल अनरेजा, गोकुल बाजार एसोसिएशन के प्रधान जगदीश सपड़ा, पंजाबी मार्केट एसोसिएशन के प्रधान हरीश मेहंदीरत्ता, रेलवे रोड ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान नरेंद्र कुमार, नई सब्जी मंडी एसोसिएशन प्रधान हंसराज पोसवाल, जीवली बाजार एसोसिएशन प्रधान गोपीचंद, वीर भगत सिंह युवा दल प्रधान दिनेश कपूर के अलावा रत्नेश बंसल, अमित यादव, देवी दयाल गुप्ता, अमित जैन के अलावा अन्य लोग भी मौजूद रहे।
500 करोड़ से ज्यादा का है कुल व्यापार
रेवाड़ी के जीवली बाजार, गोकल बाजार, पंजाबी मार्केट, मोती चौक मार्केट समेत अन्य बाजारों की बात करेें तो हर साल यहां से दिवाली के आसपास 350 करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यापार होता है। व्यापारियों की मानें तो इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम, मूर्ति, शोपीस में ज्यादातर बिक्री चाइनीज आइटम की होती है। इनमें चाइनीज आइटम की बात करें तो इनकी बिक्री 50 फीसदी से ज्यादा की होती थी। इसके अलावा पटाखों की हर साल जिले में 250 के करीब लाइसेंसी दुकानें लगती हैं। इनमें भी अधिकांश चाइनीज पटाखों की बिक्री होती है।
मोदी..... दशहरे से पहले दिवाली ला दी
सोशल मीडिया की बात करें तो यहां चाइनीज सामानों मसलन लड़ियों, लाइटिंग के अन्य सामान और पटाखों में चाइनीज सामानों का विरोध करने के लिए मुहीम जोरों पर है। पीएम मोदी द्वारा स्वदेशी सामान को खरीदने का भावुक मैसेज भी फेसबुक और व्हाट्सएप पर चल रहा है। पीएम मोदी तूने गजब की ढा दी....दशहरे से पहले दिवाली ला दी...। चाइनीज सामान न लेने की शपथ भी सोशल मीडिया पर वायरल है।
जगमग होंगे माटी के दिये
चाइनीज सामान के विरोध में कुतुबपुर में लोगों के घरों को रोशन करने के लिए कुम्हार जुट गये हैं। चाक पर मिट्टी रखकर एक-एक कर मिट्टी को दियों का आकार दिया जा रहा है। कुतुबपुर निवासी राजू बताते हैं कि चाइनीज सामान के विरोध के चलते इस बार दियों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।
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आतंकवाद के खिलाफ विरोध में व्यापारी भी अपने स्तर पर सरकार के साथ कदम मिला रहे हैं। इसी कारण चाइनीज सामान का विरोध किया है। यह विरोध आगे भी जारी रहेगा। - विवेक ढींगरा, पूर्व प्रधान, गोकल बाजार एसोसिएशन
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भले ही चाइनीज सामान में मार्जिन ज्यादा हो, लेकिन देशहित के चलते इस बार चाइनीज सामान नहीं बचेंगे। हमारे लिए देशहित सबसे बड़ा है। - गोपीचंद, प्रधान, जीवली बाजार एसोसिएशन
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चीन आतंक फैला रहे देश पाकिस्तान का समर्थन कर रहा है। इस कारण चाइनीज सामान का विरोध करना जरूरी है। अन्य संगठनों को भी इसमें जोड़ेंगे। - सुरैश सैनी, प्रधान, नया बाजार मार्केट एसोसिएशन
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देश हित सर्वोपरि है। भले ही व्यापारियों के लाभ में कमी आ जाए लेकिन सभी व्यापारियों के साथ मिलकर चाइनीज माल का बहिष्कार करेंगे। - अनिल अनेजा, प्रधान, मोती चौक व्यापार संगठन