भिवाड़ी में राज्य स्तरीय दल निरीक्षण करते। संवाद
भिवाड़ी। शहर में सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। प्रमुख शासन सचिव (प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग) के निर्देश पर राज्यस्तरीय निरीक्षण दल ने सोमवार को आकस्मिक निरीक्षण किया जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कुल दर्ज 178 अधिकारियों-कर्मचारियों में 99 (लगभग 56%) अनुपस्थित पाए गए।
निरीक्षण दल का नेतृत्व वरिष्ठ शासन उप सचिव एवं अतिरिक्त निदेशक (निरीक्षण) केआर मीना ने किया। दल में महेंद्र कुमार सरावता, कैलाश मीणा (अनुभागाधिकारी), चेना राम भदाला (सहायक अनुभागाधिकारी), कृष्णावतार कटारिया एवं तरुण कुमार मीणा (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) शामिल थे।
निरीक्षण सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर शुरू हुआ और विभिन्न राजकीय कार्यालयों एवं विभागों की जांच की गई। मीना ने बताया कि निरीक्षण में कुल 14 उपस्थिति रजिस्टरों की जांच हुई। राजपत्रित अधिकारियों में करीब 50% (19) और अराजपत्रित कर्मचारियों में लगभग 57% (80) अनुपस्थित मिले।
कई कार्यालयों में उपस्थिति पंजिकाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं रखी जा रही थीं। साफ-सफाई की व्यवस्था असंतोषजनक थी जबकि रिकॉर्ड संधारण पूरी तरह अव्यवस्थित पाया गया। विभाग द्वारा समय-समय पर जारी परिपत्रों की पालना भी नहीं हो रही थी।
निरीक्षण दल ने अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजने की कार्यवाही प्रस्तावित की है।