फोटो : 17नई अनाज मंडी में कट्टे में भरकर रखी फसल। संवाद
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रेवाड़ी। नई अनाज मंडी में अब बाजरे की खरीद ओटीपी-आधारित गेट पास जनरेशन प्रणाली के तहत की जा रही है। यह व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी मानी जा रही है। पहले जहां किसानों को मंडी में पहुंचकर गेट पास बनवाने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था वहीं अब किसान स्वयं घर बैठे मोबाइल एप या वेब पोर्टल के माध्यम से गेट पास बना सकते हैं।
इस नई प्रणाली में गेट पास तभी वैध माना जाएगा जब किसान और गेट कीपर दोनों मंडी परिसर में भौतिक रूप से मौजूद होंगे। इसके बाद गेट कीपर की मोबाइल डिवाइस से ओटीपी सत्यापन या स्कैनिंग के माध्यम से ही एंट्री की अनुमति दी जाएगी। यह सिस्टम केवल मंडी परिसर की सीमा के भीतर ही सक्रिय रहता है जिससे धोखाधड़ी या फर्जी गेट पास बनने की संभावना खत्म हो गई है। 31 अक्तूबर तक मंडियों में बाजरे की आवक जोरों पर थी, लेकिन अब उसमें गिरावट दर्ज की जा रही है।
नई अनाज मंडी में अब तक कुल 6 लाख 35 हजार क्विंटल बाजरा पहुंच चुका है। यहां 24,155 गेट पास जारी किए जा चुके हैं। यह पिछले साल की तुलना में लगभग 50 हजार क्विंटल ज्यादा है। वर्ष 2024 में कुल 5 लाख 82 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद हुई थी।
इस बार बाजरे की खरीद एमएसपी की बजाय भावांतर भरपाई योजना के तहत की जा रही है। सरकार ने प्रति क्विंटल 2200 रुपये दर तय की है जबकि किसानों को इसके अतिरिक्त 575 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर दिया जा रहा है। नए सिस्टम से अभी तक 170 गेट पास ओर 3500 क्विंटल बाजरा की आवक हुई है।