संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी जतिन गर्ग ने 2020 में हुए सड़क हादसे में घायल आजाद सिंह और उमेश कुमार को 3 लाख 56 हजार 838 रुपये मुआवजा ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं। अदालत ने बस चालक, मालिक और बीमा कंपनी को संयुक्त रूप से यह राशि अदा करने के निर्देश दिए।
18 जनवरी 2020 को आजाद सिंह और उमेश कुमार बस में यात्रा कर रहे थे। आरोप है कि बस चालक मनोज लापरवाही से तेज गति से बस चला रहा था। सीहा बस स्टैंड के पास चालक ने आगे चल रही दूसरी बस में टक्कर मार दी। हादसे में दोनों यात्रियों को गंभीर चोटें आईं। इसके बाद पुलिस थाना खोल में मामला दर्ज किया था।
आजाद सिंह ने याचिका में बताया कि दुर्घटना में उनका जबड़ा क्षतिग्रस्त हो गया जिससे वह लंबे समय तक बोलने और भोजन करने में असमर्थ रहे। रेवाड़ी और जयपुर के अस्पतालों में इलाज पर भारी खर्च किया। उमेश कुमार ने बताया कि उनको गंभीर चोटें और फ्रैक्चर हुए।
सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने दावा किया कि बस चालक का लाइसेंस दुर्घटना के समय वैध नहीं था लेकिन ट्रिब्यूनल ने रिकॉर्ड के आधार पर माना कि चालक ने लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया समय पर पूरी कर ली थी। इसलिए लाइसेंस को वैध माना गया।
अदालत ने आजाद सिंह को 2 लाख 10 हजार 839 रुपये और उमेश कुमार को 1 लाख 45 हजार 999 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। साथ ही 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रिब्यूनल ने कहा कि बीमा कंपनी मुआवजे की राशि का भुगतान करेगी।