रेवाड़ी। दक्षिण हरियाणा के केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर है। नाईवाली चौक स्थित बीएसएनएल कार्यालय परिसर में तैयार सीजीएचएस (सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) डिस्पेंसरी का भवन विभाग ने अधिग्रहित कर लिया है। डॉक्टर और अन्य स्टाफ ने भी कार्यभार संभाल लिया है। अगले एक सप्ताह में ओपीडी शुरू होने की संभावना है। दवाइयों की उपलब्धता में करीब 10 दिन का समय लगेगा।
दक्षिण अंचल दिल्ली की अवर निदेशक डॉ. होन्नम्मा ने 10 जुलाई को अधिकारियों और स्टाफ के साथ डिस्पेंसरी का निरीक्षण कर बीएसएनएल से भवन का अधिग्रहण किया था।
डिस्पेंसरी शुरू होने से रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी और भिवानी जिलों के करीब 35 हजार केंद्रीय कर्मचारी एवं पेंशनभोगियों को स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधा मिलेगी। अब उन्हें इलाज, रेफरल और दवाइयों के लिए बार-बार गुरुग्राम या दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा।
डिस्पेंसरी में कुल सात कमरे होंगे
सीजीएचएस बेनीफिशियरी वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव वीरेंद्र भारद्वाज ने बताया कि चार वर्षों के लगातार प्रयासों के बाद यह उपलब्धि मिली है। डिस्पेंसरी को डी-107 कोड आवंटित किया गया है। इंचार्ज डॉ. तरुण यादव ने अपने स्टाफ के साथ काम शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि आवश्यक दवाइयों और अन्य सामान की आपूर्ति अगले 10 दिनों में पूरी होने की उम्मीद है। डिस्पेंसरी में कुल सात कमरे होंगे, जिनमें चार कमरे ओपीडी के लिए निर्धारित किए गए हैं। एक हिस्से में मरीजों का पंजीकरण और फार्मेसी संचालित होगी।
शुरुआती चरण में होगा ये कार्य
शुरुआती चरण में एक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), दो फार्मासिस्ट, दो मेडिकल अटेंडेंट, एक हाउसकीपिंग कर्मचारी और तीन सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। भविष्य में मरीजों की संख्या बढ़ने पर यहां पांच चिकित्सकों तक की नियुक्ति का प्रावधान रखा गया है। एसोसिएशन के अनुसार डिस्पेंसरी शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को सीजीएचएस पैनल में शामिल निजी और कॉर्पोरेट अस्पतालों में रेफर किया जा सकेगा, जहां उन्हें कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। रेवाड़ी के निजी अस्पतालों को सीजीएचएस पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
इन्हें मिलेगा लाभ
सीजीएचएस के तहत बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, असम राइफल्स, आईबी, सीबीआई, रॉ, दिल्ली पुलिस सहित विभिन्न केंद्रीय विभागों के कर्मचारी, पेंशनभोगी तथा डाक, आयकर और जीएसटी विभाग के कर्मचारी भी निर्धारित नियमों के अनुसार चिकित्सा सुविधा का लाभ ले सकेंगे।