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Rewari News: एम्स में आयुष विभाग की ओपीडी मई में शुरू होगी

Sat, 01 Feb 2025 12:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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फोटो : 09माजरा में निर्माणाधीन एम्स। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी/कुंड। माजरा में निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में आयुष विभाग की ओपीडी मई में शुरू होने की संभावना है। वर्ष के अंत तक सामान्य ओपीडी शुरू होने की उम्मीद है। यह जानकारी डीसी अभिषेक मीणा ने दी।
जिला प्रशासन एम्स में जल्द ओपीडी आरंभ करने की योजना बना रहा है। डीसी ने बताया है कि एमबीबीएस कक्षाएं अगस्त 2026 में शुरू होने की उम्मीद है। पूर्ण रूप से एम्स 2026 में ही अपनी सुविधाएं सुचारू रूप से दे पाएगा। अभी दो बिल्डिंग का काम पूरा होने के कगार पर है। शेल्टर होम भी साथ में बनाया जाएगा, जहां पर लोगों को रोकने की सुविधा मिलेगी। एम्स में अन्य राज्यों से भी लोग आएंगे, ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण यह व्यवस्था बनानी जरूरी है। शेल्टर होम को भी बेहतर रूप से बनाया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की मरीजों व तीमारदारों को परेशानी ना हो।
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डीसी ने बताया कि सड़क के बीच से गुजर रही रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज या अंडरब्रिज बनवाने सहित सभी विकल्पों पर काम किया जा रहा है। एम्स में आईपीडी, ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं आरंभ करना सरकार की प्राथमिकता है। मैनपावर और रिसोर्सेस में बढ़ोतरी की गई है। बिजली-पानी, ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाओं के अलावा सड़क मार्ग और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ ही एम्स परिसर में कई स्थानों पर खड़े बिजली के खंभे जल्द हटाए जाएंगे।

एम्स के उच्चधिकारियों ने किया था निरीक्षण

बीते माह एम्स के उच्चाधिकारियों ने निर्माणाधीन एम्स परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की थी। एम्स रेवाड़ी की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह और उप निदेशक (एम्स प्रशासन) ले. कर्नल अमित पराशर सहित उच्चाधिकारियों ने एम्स परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की और विस्तृत जानकारी हासिल की थी। उसके बाद डीसी अभिषेक मीणा निरीक्षण पर गए थे।
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अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा

उप निदेशक (प्रशासन) ले. कर्नल अमित पराशर ने बताया कि अस्पताल भवन का कार्य अभी शुरुआती चरण में है। कार्यदायी संस्थाओं से स्पष्ट कह दिया गया है कि बिल्डिंग निर्माण में उपयोग किए जा रहे संसाधनों सहित मैन पावर में व्यापक बढ़ोतरी कर निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर संचालित किया जाए। इस मामले में निर्माण कार्य में लगी कंपनियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। खास बात यह है कि कार्य में विलंब होने की स्थिति में अब उन्हें किसी भी प्रकार का अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।
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