रेवाड़ी। मौसम का मिजाज बदलने की वजह से अब अस्पताल में वायरल के मरीजों की भी संख्या बढ़ रही है। तापमान में उतार चढ़ाव होने की वजह से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में वायरल बुखार तेजी से पैर पसार रहा है। यह सबसे ज्यादा बच्चों और उम्र दराज लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है।
अस्पतालों में आने वाले करीब 40 प्रतिशत लोग वायरल बुखार से ग्रस्त हैं। सोमवार को 1200 के करीब ओपीडी दर्ज हुई है, जिसमें से 350 से 400 मरीज सर्दी, खांसी, जुकाम के दर्ज हुए हैं। 80 से 100 मरीज छोटे बच्चे थे, उन्हें भी सर्दी, खांसी और जुकाम की शिकायत थी। सोमवार को छुट्टी होने के कारण मंगलवार को अस्पताल में लोगों की काफी भीड़ देखने को मिली। वहीं, पर्ची कटाने के लिए भी मारामारी चली। क्योंकि लाइन काफी लंबी हो चुकी थी। लाइन लंबी होने की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों को उठानी पड़ी। दूसरी तरफ निजी क्लीनिक और अस्पतालों में भी वायरल के मरीजों की भरमार रही।
प्रदूषण का स्तर बढ़ने की वजह से सांस की तकलीफ और आंखों में जलन के मरीज भी अब फिर से आने शुरू हो चुके हैं। हालांकि अभी ऐसे मरीज ज्यादा नहीं आ रहे हैं। मगर मौसम बदलने की वजह से अस्पताल में आंखों की ओपीडी जरूर बढ़ रही है। लोगों को आंखों में रूखापन, आंखों से पानी आना व अन्य शिकायतें हो रही है। चिकित्सकों ने ठंड से बचने की सलाह दी है। ऐसे मरीजों की संख्या कुल ओपीडी का 30 प्रतिशत है।
बदलते मौसम में लोग सावधानी बरतें
चिकित्सकों के मुताबिक खानपान और रहन-सहन पर ध्यान दिया जाए तो मौसमी बीमारियों के प्रकोप से बचा जा सकता है। बुखार से बचने के लिए मच्छरों से बचें और घर और आसपास सफाई रखें, जिससे मच्छर न पनपें। ठंडी चीजों का सेवन न करें क्योंकि इससे सर्दी, खांसी, जुकाम की शिकायत होती है। ठंडे पानी को भी नहीं पीना चाहिए। पानी को हल्का गर्म करके ही पीना लाभदायक है। घर से बाहर निकलें तो सर्दी के कपड़े पहन कर ही निकलें। छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
कोट
ठंड की शुरुआत हो चुकी है। विशेष ध्यान देने की जरूरत है। छोटे बच्चों का ध्यान जरूर रखें। गर्म कपड़े पहन कर ही घर से निकलें।
-डॉ. अशोक, डिप्टी सीएमओ