रेवाड़ी। समयसारिणी में रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ मार्ग पर सरकारी और निजी बसों के कुल 107 चक्कर निर्धारित हैं जबकि सरकारी स्तर पर महज सात बसों का ही संचालन हो रहा है। ऐसे में प्रतिदिन इस मार्ग पर सफर करने वाले 10 हजार से अधिक यात्रियों की निर्भरता निजी बसों पर बढ़ गई है। इससे निजी बस संचालकों की मौज है।
सुबह कार्यालय और शिक्षण संस्थानों के समय और शाम को वापसी के दौरान बस स्टैंडों पर यात्रियों की भीड़ लगी रहती है। सरकारी बस निर्धारित समय पर नहीं पहुंचने पर लोगों को मजबूरन निजी बसों में सफर करना पड़ता है। यात्रियों का कहना है कि कई बार आधे घंटे तक सरकारी बस का इंतजार करने के बाद निजी बस में ही जाना पड़ता है।
निजी बसों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाना आम बात हो गई है। कई बसों में यात्री दरवाजों पर खड़े होकर सफर करते हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। यात्रियों का आरोप है कि नियमों की अनदेखी कर बसों का संचालन किया जा रहा है, लेकिन कार्रवाई न होने से संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ मार्ग सबसे व्यस्त रूट
यात्री सुनील कुमार का कहना है कि रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ मार्ग दक्षिण हरियाणा के सबसे व्यस्त रूटों में शामिल है। इसके बाद भी पर्याप्त सरकारी बसें उपलब्ध नहीं हैं। यात्री राजेश यादव ने कहा कि यदि समय सारणी के अनुसार बसों का संचालन हो तो यात्रियों को राहत मिलने के साथ निजी बसों की मनमानी पर भी अंकुश लगाया जा सकता है। यात्रियों ने मांग की है कि इस रूट पर सरकारी बसों की संख्या बढ़ाई जाए और नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही निजी बसों में ओवरलोडिंग, मनमाना संचालन और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाए। सभी निर्धारित सरकारी टाइमों पर बसों का संचालन करें तथा सरकारी बसों की संख्या बढ़ाई जाए। निजी बसों में ओवरलोडिंग पर नियमित जांच हो।
समय सारणी में कुल 107 चक्कर
सरकारी बसें संचालित : 7
निजी बसों के चक्कर : 100 से अधिक
प्रतिदिन यात्री : 10 हजार से अधिक
सबसे अधिक दबाव : सुबह और शाम के समय
वर्जन:
उपलब्ध बसों और स्टाफ के अनुसार संचालन किया जा रहा है। यात्रियों की संख्या और आवश्यकता को देखते हुए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जाएगा। निजी बसों में नियमों के पालन को लेकर समय-समय पर जांच भी कराई जाती है।-
निरंजन शर्मा , महाप्रबंधक, रोडवेज रेवाड़ी।
रेवाड़ी-महेद्रगढ़ रूट पर सवारियों से खचाखच भरी निजी बस। संवाद