रेवाड़ी। जिले में किशोरियों को कैंसर से बचाव के लिए लगाई जा रही वैक्सीन को लेकर अपेक्षित रुचि नहीं दिख रही है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस विशेष टीकाकरण अभियान की रफ्तार धीमी बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने तीन महीने में 10 हजार किशोरियों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है लेकिन अभियान के 27 दिन बीतने के बाद भी 215 किशोरियों को ही टीका लग पाया है।
स्वास्थ्य विभाग के लिए यह आंकड़ा चिंता का विषय बन गया है। यदि यही स्थिति बनी रही तो तय समय में लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो सकता है। विभाग अब अभियान को तेज करने के लिए नई रणनीति बनाने में जुट गया है।
अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. भंवर सिंह का कहना है कि इन दिनों स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं जिसके चलते किशोरियां टीकाकरण के लिए समय नहीं निकाल पा रही हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा के बाद अभियान में तेजी आने की संभावना है।
डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि स्कूलों के माध्यम से लगातार किशोरियों और उनके अभिभावकों को वैक्सीन के प्रति जागरूक किया जा रहा है लेकिन शुरुआती दौर में अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए हैं।
एक अप्रैल से स्वास्थ्य केंद्रों पर भी सुविधा
अभियान को गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अब टीकाकरण का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया है। एक अप्रैल के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में भी कैंसर से बचाव की यह वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी। इससे उन किशोरियों को सुविधा मिलेगी जो स्कूल स्तर पर टीकाकरण से वंचित रह गई हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्सीन उपलब्ध होने से ज्यादा संख्या में किशोरियां टीकाकरण के लिए आगे आएंगी।
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जागरूकता अभियान पर रहेगा जोर
विभाग अब जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने की तैयारी कर रहा है। आशा वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर किशोरियों और उनके अभिभावकों को इस वैक्सीन के महत्व के बारे में बताया जाएगा।