मंडी में प्याज को छांटते विक्रेता। संवाद
रेवाड़ी। एक सप्ताह से प्याज के दामों में हुई बढ़ोतरी ने रसोई का बजट बढ़ा दिया है। एक सप्ताह पहले 40 रुपये प्रति किलो बिकने वाला प्याज अब 80 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। सब्जियों के दाम बढ़ने से गृहिणियों को घरेलू खर्च का संतुलन बनाने में परेशानी हो रही है।
सब्जी मंडी में खरीदारी करने पहुंचीं गृहिणी रेखा और लक्ष्मी ने बताया कि पिछले पांच-छह दिनों में सब्जियों के दाम तेजी से बढ़े हैं। खासकर प्याज की कीमत में हुई बढ़ोतरी ने घर का बजट बिगाड़ दिया है।
पहले जहां जरूरत के अनुसार अधिक मात्रा में सब्जियां खरीद लेते थे, वहीं अब कीमतें बढ़ने के कारण मात्रा कम करनी पड़ रही है। पहले वह पूरे सप्ताह की सब्जियां एक साथ खरीदती थीं, लेकिन अब प्याज, टमाटर और अन्य सब्जियों के बढ़े दामों के कारण जरूरत और बजट के हिसाब से ही खरीदारी करनी पड़ रही है।
गृहिणियों का कहना है कि सब्जियों की कीमतों में जल्द राहत नहीं मिली तो आने वाले दिनों में घरेलू बजट पर और अधिक असर पड़ सकता है।
थोक में महंगा होने से फुटकर पर पड़ा असर
नाई वाली चौक स्थित सब्जी मंडी के विक्रेताओं के मुताबिक थोक मंडी में प्याज के दाम बढ़ने का असर अब खुदरा बाजार में भी साफ दिखाई देने लगा है। सब्जी विक्रेता हरिराम ने बताया कि थोक बाजार में पहले की तुलना में प्याज महंगा मिल रहा है। इसके चलते खुदरा बाजार में भी प्याज के दाम बढ़ गए हैं। सब्जी विक्रेता अनिल ने बताया कि बढ़ी कीमतों का असर ग्राहकों की खरीदारी पर भी पड़ रहा है। पहले ग्राहक एक से दो किलो तक प्याज खरीद लेते थे, लेकिन अब दाम बढ़ने के कारण कई ग्राहक आधा किलो या एक किलो ही प्याज खरीद रहे हैं। उन्होंने बताया कि कीमतों में बढ़ोतरी के चलते ग्राहकों ने खरीदारी की मात्रा कम कर दी है। विक्रेताओं का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में थोक मंडी में प्याज के भाव में कमी आती है तो इसका असर खुदरा बाजार में भी दिखाई देगा और ग्राहकों को कुछ राहत मिल सकती है।