रेवाड़ी। जिले में शुक्रवार को बुखार पीड़ित 30 लोगों के रक्त की जांच की गई, जिसमें डेंगू का 1 मरीज मिला है। इसके साथ ही जिले में मरीजों की संख्या 387 हो गई है। इनमें से 335 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। इस वर्ष डेंगू की वजह से किसी की जान नहीं गई है। बीते दो माह से जिले में वायरल बुखार के साथ डेंगू का प्रकोप जारी है। शहर से लेकर अंचल तक बड़ी संख्या में लोग इसके जद में हैं। सरकारी के साथ निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भारी भीड़ है। ऐसा ही चलता रहा तो पिछले वर्ष का रिकॉर्ड 406 मरीजों का टूट सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के डाटा के अनुसार पूरे जिले में 386 मामलों में रेवाड़ी शहर में 187, बावल सीएचसी में 44, मीरपुर सीएचसी में 61, खोल सीएचसी 29, गुरावड़ा सीएचसी में 30, नाहड़ सीएचसी में 40 डेंगू के पॉजिटिव केस मिल चुके हैं।
ऐसे करें डेंगू-मलेरिया से बचाव
मलेरिया हेल्थ इंस्पेक्टर बिरेंद्र सिंह ने बताया कि डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए घर में आसपास साफ-सफाई रखें। ठहरे हुए पानी में काला तेल डालें। घरों के बर्तन, कूलर, पानी की टंकी की सफाई करते रहे, जिससे मच्छरों का लार्वा न पनप सके। डेंगू और मलेरिया के लक्षण होने पर ब्लड की जांच कराकर डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें। ज्यादा से ज्यादा पेय पदार्थ का सेवन करें।
4281 लोगों को नोटिस थमाया गया
डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर कूलर, एसी व अन्य जगह भरे पानी में मच्छरों के लार्वा की जांच कर रहे हैं। जहां मच्छरों के लार्वा मिले, उनको नोटिस भी दिए जा रहे हैं। इस साल विभाग ने कोई चालान नहीं काटा है। 4281 लोगों को नोटिस थमाया गया है। पिछले वर्ष लगभग 5500 सैंपल लिए गए थे, जिनकी जांच में हर 13वां पीड़ित पाया गया। डेंगू का एलाइजा टेस्ट केवल सिविल अस्पताल में ही हो रहा है।
वर्जन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार जांच अभियान जारी है। मच्छरों के लार्वा की जांच लगातार की जा रही है। लोगों को नोटिस थमाया जा रहा है।
-डॉ. अमित यादव, जिला मलेरिया अधिकारी।