फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महानगरों की तर्ज पर सुबह 6 घंटे में साफ होगा हमारा शहर

विज्ञापन
कचरा गाड़ी में कूड़ा डालता शहरवासी। - फोटो : Rewari
विज्ञापन
रेवाड़ी। महानगरों की तर्ज पर अब हमारा शहर भी सुबह पांच से लेकर 11 बजे तक 6 घंटे में पूरी तरह साफ- सुथरा किया जाएगा। बाजारों व 31 वार्ड में झाडू लगाने से लेकर डोर-टू डोर कचरा कलेक्शन व उसे डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचाने का कार्य निर्धारित अवधि में कर लिया जाएगा।
विज्ञापन

बता दें कि इससे पहले महज 28 गाड़ियों से पूरा दिन डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का कार्य होता रहा है। अब नगर परिषद की ओर से पांच करोड़ रुपये के टेंडर में कुल 84 गाड़ियां, 20 ई- रिक्शा का टेंडर दिया जा रहा है। अर्थात पहले के मुकाबले अतिरिक्त 56 कचरा कलेक्शन गाड़ियां व तंग गलियों के लिए 20 ई-रिक्शा के माध्यम से शहर की सफाई व्यवस्था में बदलाव देखा जाएगा। बता दें कि इस दौरान सुबह के समय ही झाडू लगाने का काम भी पूरा किया जाएगा, ताकि दिन में किसी तरह की लोगों को परेशानी न हो व सफाई भी व्यवस्थित तरीके से की जा सके। शहर के 40 हजार घरों से कचरा उठाने के लिए पहली बार डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के साथ सिगरेशन (गीला-सूखा कचरा अलग करना) व दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित रामसिंहपुरा तक कचरे को पहुंचाने का जिम्मा प्राइवेट एजेंसी को दिया जा रहा है।
24 साल ने सफाई कर्मियों की नहीं हुई स्थायी भर्ती
शहर के 31 वार्ड में रहने वाली करीब ढाई लाख की आबादी के लिए नियमानुसार 625 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है। लेकिन नगर परिषद के पास स्थायी व अस्थायी कुुल 371 ही सफाईकर्मी कार्यरत हैं। ऐसे में शहर में बेहतर व सुनियोजित सफाई व्यवस्था होने की उम्मीद करना गलता है। बता दें कि नियमों के मुताबिक 400 शहरवासी पर एक सफाई कर्मचारी की जरूरत होती है। वर्ष 1997 के बाद नगर परिषद में एक भी सफाई कर्मचारी रेगुलर भर्ती नहीं हो पाया है, जबकि इस दौरान 50 से अधिक रिटायर हो चुके हैं। वर्तमान में नप के पास मौजूद सफाईकर्मियों में भी करीब 15 से अधिक दरोगा हैं, जो सफाई की बजाय महज निगरानी का काम करते हैं।
विज्ञापन

सफाई के लिए बढ़ानी होगी निगरानी
आमतौर पर देखा गया है कि शहर की गलियों के मुकाबले पार्षदों व अधिकारियों के घरों के आसपास सफाई ज्यादा रहती है। शहर की कई गलियों में सफाई कर्मचारी दो-दो महीने में एक बार पहुंचते हैं। इसका बड़ा कारण दबाव के चलते जवाबदेही पार्षदों के घरों व रसूखदार लोगों तक रहती है। नगर परिषद सफाई कर्मचारियों की कमी को रोना रोता रहा है, लेकिन जरूरी निगरानी की है। हालांकि अब नगर परिषद की ओर से अनुबंध के आधार पर सफाई कर्मचारी भर्ती करने की बात कही जा रही है। क्योंकि निर्धारित समय में सफाई करने के लिए कर्मचारी बढ़ाना जरूरी है। इसके लिए नप की पहली ही बैठक में सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव भी पास हो चुका है।
नप के मुख्य सफाई निरीक्षक संदीप कुमार ने बताया कि इस बार शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए गाड़ियों की संख्या 56 बढ़ाकर 84 की गई है। पुराने शहर की तंग गलियों के लिए 20 ई-रिक्शा का भी टेंडर में प्रावधान किया गया है। अब सुबह पांच से लेकर 11 बजे तक पूरे शहर का सफाई कार्य पूरा हो जाएगा। वहीं, सफाई कर्मचारियों की कमी का पूरा करने के लिए अनुबंध आधार पर भर्ती की जाएगी। शहरवासियों से अपील है कि कचरा-इधर उधर न फेंकें, ताकि शहर को स्वच्छ रखा जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें