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पहले दिन 40 प्रतिशत नौनिहाल पहुंचे पाठशाला

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गुगोढ स्कूल में पढ़ाई करते पहली कक्षा के बच्चे। संवाद - फोटो : Rewari
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कोरोना संक्रमण के कारण अप्रैल से बंद सरकारी व निजी प्राथमिक स्कूलों को सोमवार से पहली से तीसरी कक्षा के लिए खोल दिए गए। पहले दिन राजकीय स्कूलों में बच्चों की संख्या कम रहीं। विद्यालयों में पहुंचकर जहां बच्चे उत्साहित नजर आए, वहीं एक साथ सभी कक्षाएं लगने से निजी स्कूल संचालकों ने भी राहत की सांस ली है।
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उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान तेजी से बढ़ते संक्रमण के चलते सरकार ने 14 अप्रैल से सभी स्कूलों को बंद कर दिया था। करीब तीन महीने बाद कोरोना का संक्रमण कम होने पर सरकार ने 16 जुलाई से कक्षा 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खोल दिए थे। इसके एक सप्ताह बाद 23 जुलाई से कक्षा छठी से 8वीं तक के स्कूल खोले गए थे। 1 सितंबर से प्राथमिक स्कूलों को केवल चौथी व पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए तीन घंटे के लिए खोल दिया गया था। अब पूरे 19 दिन बाद सरकार ने 20 सितंबर से स्कूलों में पहली से तीसरी तक की कक्षाएं लगाने के निर्देश दिए हैं। अब सोमवार से पहली से तीसरी तक की कक्षाएं भी शुरू हो गई हैं। पहले दिन स्कूल में पहुंचे बच्चों को कोविड सुरक्षा के चलते कई बाधाओं से गुजरना पड़ा। बच्चों की मुख्य गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग करने के साथ आक्सीजन लेवल मापा गया। इसके अलावा अभिभावकों की लिखित अनुमति की भी जांच की गई। उसके बाद बच्चों को कक्षा में प्रवेश दिया गया। पहले दिन जहां राजकीय स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 40 प्रतिशत से अधिक रही, वहीं निजी स्कूलों में इससे अधिक बच्चे पहुंचे। हालांकि निदेशालय की तरफ से जारी गाइडलाइन के अनुसार उपस्थिति के लिए बच्चों पर कोई दबाव नहीं रहेगा। अगर कोई बच्चा ऑनलाइन कक्षा जारी रखना चाहता है तो उसके लिए यह सुविधा भी जारी रहेगी।
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन दिया जाता है। लेकिन कोरोना महामारी के चलते शिक्षा विभाग के निर्देश अनुसार मिड-डे मील नहीं दिया गया। शिक्षा के शिक्षा के निर्देश अनुसार अभी स्कूल में विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन नहीं मिलेगा। इसी के साथ स्कूल में बच्चों को पढ़ाई करवाते समय शारीरिक दूरी का भी विशेष ध्यान रखना होगा। स्कूल में एक कक्षा रूम में 20 बच्चों को बैठाकर ही पढ़ाई करवाई जाएगी।
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स्कूलों में हुआ बच्चों का स्वागत
सोमवार को स्कूलों में पहुंचे बच्चों का कई विद्यालयों में तिलक लगाकर स्वागत किया गया। वहीं कुछ विद्यालयों में शिक्षकों व बच्चों द्वारा पौधरोपण करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके अलावा बच्चों को कोविड से बचाव के लिए आपस में कोई सामान शेयर न करने तथा अलग बैठने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। राजकीय स्कूलों में अध्यापकों के लिए सुबह 8:30 से दोपहर 1:30 बजे तक तथा बच्चों के लिए समय सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक का समय निर्धारित है।
पहले दिन राजकीय स्कूलों में पहली से तीसरी तक की कक्षा में बच्चों की उपस्थिति अन्य कक्षाओं के मुकाबले कम थी, लेकिन बच्चों पर उपस्थिति के लिए कोई दबाव नहीं है। जो बच्चे आनलाइन कक्षाएं जारी रखना चाहते हैं उनके लिए यह सुविधा जारी रहेगी।
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राजेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी
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