रेवाड़ी। नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर लोग गंभीर नहीं दिख रहे हैं। लोग सरकार की ओर से जारी कोविड नियमों का पालन तक नहीं कर रहे हैं। भले ही यहंा दो माह से कोरोना का कोई केस नहीं मिला है, लेकिन यह लापरवाही लोगों के लिए भारी पड़ सकती है। पिछले एक सप्ताह में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। खासकर दिल्ली और गुरुग्राम आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है।
अस्पतालों की ओपीडी के दौरान बीमार लोगों की कोरोना की जांच की जा रही है। यह राहत की बात है कि अभी तक कोई केस नहीं मिला। रोजाना 1500 से ज्यादा सैंपल लिए जा रहे हैं। उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की ओर से वैक्सीनेशन का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। अब छुट्टी वाले दिन वैक्सीनेशन पर महाअभियान चलाने की तैयारी है।
ज्यादा से ज्यादा जगहों पर टीकाकरण कैंप लगाए जाएंगे ताकि वैक्सीन के जरिए कोरोना से सुरक्षा के चक्र को मजबूत किया जा सके। जिले में वैक्सीनेशन के नोडल अधिकारी डॉ. अशोक ने बताया कि 97 प्रतिशत आबादी को पहली और 60 प्रतिशत की आबादी को दूसरी डोज लग चुकी है। लोगों को कोरोना के प्रति सावधानी बरतनी जरूरी है। नए वैरिएंट को लेकर विभागीय स्तर पर सभी व्यवस्था की गई है। रोजाना सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। अभी कोई पॉजिटिव नहीं आया है।
बिना मास्क के घूमने वालों का हो रहा चालान
एसपी के आदेश पर जिला पुलिस ने कोरोना की गाइडलाइन की पालन के लिए सख्ती शुरू कर दी है। पिछले दो दिनों से रेवाड़ी शहर की सड़कों पर पुलिस बिना मास्क घूमने वाले लोगों के चालान काट रही है। 500 से ज्यादा लोगों के चालान काटे जा चुके हैं। फिर भी भीड़ में लोग बगैर मास्क के घूमते हुए नजर आ रहे हैं। दुकानदार और ग्राहक भी गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं।